
- सरकार ने कड़ा किया रुख, सभी उपायुक्तों से डाटा मंगवाने का दिया निर्देश
Ranchi : राज्य के किसानों का कर्ज माफ करने के रास्ते में अब भी कई रुकावटें सामने आ रही हैं. कृषि विभाग को अभी तक किसानों को कर्ज लेनेवाले किसानों की सूची तक उपलब्ध नहीं करायी जा सकी है. जबकि कृषि विभाग ने कई बार बैंकों से सभी की सूची देने को कहा है. अब विभागीय सचिव अबू बकर सिद्दिकी ने इस पर सभी उपायुक्तों को पत्र लिख सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.
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मनमानी कर रहे हैं बैंक
कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने बताया कि सरकार दो हजार करोड़ बजट में कर्ज माफी को लेकर प्रावधान कर चुकी है. इसके बाद जब कर्ज माफ करने का समय आया तो बैंकों को मदद करनी चाहिए लेकिन वे अपनी मनमानी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अब बैंकों को सिर्फ सरकार बीमा की राशि नहीं देगी, बैंकों को भी किसानों के बारे में सोचना होगा.
चार वर्षों में सरकार बीमा के किश्त के रूप में बैंकों को 477 करोड़ रुपये दे चुकी है. जिसके बाद भी किसानों को बैंकों द्वारा अभी तक 80 करोड़ तक का भुगतान नहीं हो पाया है. मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि ऐसे में सरकार अब इन बैंकों को चिन्हित कर उसमें अधिक पैसे भी नहीं रखेगी. उन्होंने उम्मीद जतायी है कि उपायुक्तों के माध्यम से नियमसंगत कार्रवाई करते हुए बैंकों से सारे डाटा उपलब्ध कराये जा सकेंगे ताकि किसानों को इसका लाभ मिल सके.
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