
Ranchi: बालाश्रय गृह में यौन शोषण के मामले का झालसा के कार्यपालक अध्यक्ष जस्टिस अपरेश कुमार सिंह ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची को आदेश दिया है कि वह तत्काल नाबालिग यौन शोषण पीड़िता से मिलकर आवश्यक सहायता प्रदान करें. कार्यपालक के आदेशानुसार डालसा सचिव कमला कुमारी आइटीआई बालाश्रय के सुपरिटेंडेंट स्मिता गुप्ता से मुलाकात कर मामले की जानकारी ली. सुपरिटेंडेंट स्मिता ने बताया कि नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म की जानकारी उन्हें आठ अक्टूबर को बालाश्रम के बच्चों से मिली. पीड़िता ने उन्हें घटना के बाद जानकारी नहीं दी थी. घटना के समय वह बालाश्रय में नहीं थीं. इनके अनुसार घटना के लिये हाउस गार्ड, हाउस फादर, हाउस मदर को जाती है. मुख्य रूप से सिक्यूरिटी गार्ड की जिम्मेवारी होती है.
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स्मिता गुप्ता ने बताया है कि जब दुष्कर्म की घटना हुई तब सिक्यूरिटी गार्ड बालाश्रय में ही था. स्मिता ने बताया कि पीड़िता से जब मैंने पूछा तो उन्होंने यह बताया किय यह घटनाक्रम 18 सितम्बर 2021 से है, बालाश्रय के सुरक्षाकर्मी शंभू प्रसाद लोहरा पर दुष्कर्म का आरोप है. मालूम हो कि आईटीआई स्थित बालाश्रय सेल्टर होम में नाबालिग का करीब एक माह तक आरोपी सुरक्षाकर्मी शंभू प्रसाद लोहरा ने यौन शोषण किया. मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस शंभू प्रसाद लोहरा को गिरफ्तार कर लिया गया है. उक्त टीम में डालसा सचिव कमला कुमारी, पैनल अधिवक्ता सेवा चक्रवर्ती एवं पीएलवी स्नेहलता दुबे थीं.




