Jamshedpur

बागबेड़ा जलापूर्ति : बन्ना गुप्ता फैंस क्लब की निकल गयी हवा, रोड जाम करने के नाम पर की थी राजनीति

पिछले सात दिनों से ठप है जलापूर्ति, पहल के नाम पर गुट बनाकर छुटभैया नेता कर रहे हैं राजनीति, आक्रोश में हैं कॉलोनी के लोग

Ashok kumar

Jamshedpur :  बागबेड़ा में पिछले सात दिनों से जलापूर्ति ठप है, लेकिन इसे चालू कराने की पहल किसी की ओर से नहीं की जा  रही है. इसको लेकर कुछ लोग गुट बनाकर सिर्फ राजनीति ही कर रहे हैं. इसी को लेकर 28 दिसंबर को दिन के 2 बजे बन्ना गुप्ता फैंस क्लब की ओर से यह घोषणा की गयी थी कि 48 घंटे के भीतर जलापूर्ति का काम नहीं शुरू कराया जाता है तो बागबेड़ा के लोगों के साथ वोल्टास गोलचक्कर पर बेमियादी रोड जाम किया जायेगा. गुरूवार को दिन के 2 बजे ही 48 घंटे का समय पूरा हो गया है. बावजूद बन्ना गुप्ता फैंस क्लब के लोग कहीं पर भी नजर नहीं आये.

बागबेड़ा के लोगों ने राजनिती करने वालों को कोसा

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जलापूर्ति के नाम पर बागबेड़ा में राजनीति करने वाले लोगों को बागबेड़ा के लोगों ने कोसा है. उनका कहना है कि उनकी ओर से यह निर्णय नहीं लिया गया था कि वे गुरुवार को वे रोड जाम में शामिल होंगे. उन्हें तो किसी ने भी इस तरह की जानकारी नहीं दी थी. उन्हें तो सिर्फ मीडिया से ही इस तरह की भ्रामक खबरों की जानकारी मिली थी. लोग ऐसे नेताओं को कोस रहे हैं जो बागबेड़ा कॉलोनी के लोगों के नाम पर राजनीति कर रहे हैं. बन्ना गुप्त फैंस क्लब के स्वयंभू नेता गुरुवार को कहीं पर भी रोड जाम करते हुए नहीं दिखे.

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कुछ लोग मोहरा बनाकर कर रहे राजनिती

बागबेड़ा जलापूर्ति के मामले में कुछ लोग जनप्रतिनिधियों को भी मोहरा बनाकर अपनी राजनिती की रोटी सेंक रहे हैं. बागबेड़ा की जनता सबकुछ देख और समझ रही है. इस तरह से ओझी राजनीति करने वालों को लोग पहचान रहे हैं. समय आने पर लोग उसका जवाब भी देंगे.

सभी हैं एक-दूसरे के पड़ोसी

जलापूर्ति के नाम पर राजनीति करने वाले लोग एक-दूसरे के पड़ोसी ही हैं. उनमें ऐसी कटुता है कि जब किसी तरह का आयोजन होता है तो वे एक-दूसरे को नहीं बुलाते हैं. ऐसे नेता पड़ोस  में रहने वाले लोगों तक भी अपनी पहुंच ठीक से नहीं बना सके हैं औ पूरी बागबेड़ा कॉलोनी की राजनीति करना चाहते हैं. बागबेड़ा में इस तरह की ओझा राजनीति करने वाले नेताओं की कमी नहीं है. ऐसे में जो सचमुच काम करना चाहते हैं उन्हें काम तक करने नहीं दिया जा रहा  है. बाहरी-भीतरी का मुद्दा उछालकर लोगों को भटकाने का काम भी किया जा रहा है.

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