
Jamshedpur : आज यानी मंगलवार 03 मई को झारखंड के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों का जन्मदिन है. लोग दोनों से मिलकर या फिर इंटरनेट मीडिया के माध्यम से बधाई दे रहे हैं. साथ ही ईश्वर से स्वस्थ, सुदीर्घ एवं यशस्वी जीवन की कामना कर रहे हैं. आइये, जानिए किस तरह रघुवर दास और अर्जुन मुंडा ने राजनीति की डगर पर कदम रखा और बुलंदियों को छुआ.
3 मई 1968 को जन्मे अर्जुन मुंडा दूसरे मोदी मंत्रीमंडल में जनजातीय मामलों के मंत्री हैं. उन्हें मात्र 35 वर्ष की उम्र में झारखंड का मुख्यमंत्री बनने का गौरव हासिल है. अर्जुन मुंडा का जन्म जमशेदपुर के खरंगाझार में गणेश मुंडा और सायरा मुंडा की संतान के रूप में हुआ था. जमशेदपुर से हाई स्कूल की शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने रांची विश्वविद्यालय से स्नातक किया और पीजी डिप्लोमा की डिग्री हासिल की. उन्होंने 1980 के दशक की शुरुआत में अपनी किशोरावस्था में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की. वे झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाले झारखंड आंदोलन में शामिल हुए. 1995 में झामुमो के टिकट पर खरसावां विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से बिहार विधानसभा के लिए चुने गए. एनडीए ने झारखंड के मुद्दे का जोरदार समर्थन किया और वादा किया कि अगर वे चुने गए तो वे झारखंड के आदिवासी राज्य का निर्माण करेंगे. वादे पर एतबार कर मुंडा भाजपा में शामिल हो गए. खरसावां से भाजपा के टिकट पर 2000 के चुनाव में फिर से बिहार विधानसभा के लिए चुने गए. झारखंड के गठन के बाद 2005 में उसी निर्वाचन क्षेत्र से झारखंड विधानसभा के लिए चुने गए और फिर 2011 के उपचुनाव में सितंबर 2010 में मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभालने के बाद चुने गए.
झारखंड की पहली सरकार में बने आदिवासी कल्याण मंत्री
मुंडा झारखंड की पहली बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व वाली एनडीए गठबंधन सरकार में आदिवासी कल्याण मंत्री बने. 2003 में 35 साल की उम्र में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बिठा दिया, जब उन्हें बाबूलाल मरांडी की डोमिसाइल नीति के बाद राज्य का नेतृत्व करने के लिए सर्वसम्मति के उम्मीदवार के रूप में चुना गया था. वे 30 मई 2019 को नरेंद्र मोदी की दूसरी कैबिनेट में केंद्रीय मंत्री के रूप में शपथ ली और जनजातीय मामलों के मंत्री बने. वे खूंटी के जीतकर संसद पहुंचे हैं.
टाटा स्टील के मुलाजिम से मुख्यमंत्री का सफर
रघुवर दास ने झारखंड के छठे मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया. उन्होंने 28 दिसंबर 2014 को झारखंड के 6 वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. वे न केवल पहले गैर झारखंडी मुख्यमंत्री बने बल्कि अपना कार्यकाल पूरा करनेवाले वे पहले झारखंड के मुख्यमंत्री हैं. वर्तमान में वे भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं. रघुवर दास का जन्म 3 मई 1955 को जमशेदपुर में हुआ था. उनकी शादी रुक्मिणी देवी से हुई. दोनों की दो संतान है रेणु कुमारी एवं ललित कुमार. चव्हाण राम एवं सोनबत्ती दास के पुत्र रघुवर दास ने रांची विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल की. टाटा स्टील के कर्मचारी रहे रघुवर दास जमशेदपुर पूर्वी से पांच बार विधायक चुने गए. उन्होंने 1995 से 2019 तक जमशेदपुर पूर्व का प्रतिनिधित्व किया. भाजपा के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार में वे उप मुख्यमंत्री और शहरी विकास मंत्री के रूप में भी कार्य किया. दास पंद्रह नवंबर 2000 से 17 मार्च 2003 तक राज्य के श्रम मंत्री रहे. फिर मार्च 2003 से 14 जुलाई 2004 तक भवन निर्माण और 12 मार्च 2005 से 14 सितंबर 2006 तक झारखंड के वित्त, वाणिज्य और नगर विकास मंत्री रहे. पिछले विधानसभा चुनाव में उन्हें मुख्यमंत्री रहते हुए हार का सामना करना पड़ा. उन्हें उन्हीं की कैबिनेट के सदस्य रहे सरयू राय ने बतौर निर्दलीय मात दी. फिलवक्त रघुवर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं.
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