
Palamu : छठ पर्व को लेकर जारी सरकारी आदेश के आलोक में शांति समिति की बैठक हुई. पलामू जिले के हरिहरगंज थाना परिसर में मंगलवार को शांति समिति की बैठक बीडीओ जागो महतो की अध्यक्षता में हुई. बैठक का संचालन पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी वंश नारायण सिंह ने किया. बीडीओ ने छठ पर्व को लेकर सरकार द्वारा जारी निर्देश की जानकारी देते हुए कहा कि इस वर्ष कोरोना को लेकर घर में ही छठ पर्व करना है. किसी भी सार्वजनिक स्थल, नदी, तालाब पर किसी प्रकार का आयोजन नहीं किया जायेगा.
बैठक में शामिल सभी जनप्रतिनिधियों, शांति समिति के सदस्यों तथा ग्रामीणों ने सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस का एक स्वर में विरोध किया. मुखिया संघ अध्यक्ष सह राकांपा प्रखंड अध्यक्ष सरोज प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि यह लोगों के लिए महान आस्था का पर्व है. इसमें महिलाओं की भागीदारी अधिक होती है. इसे मानना आसान नहीं है.
वहीं मौलाना इफ्तिखार अहमद नूरी ने कहा कि छठ पर्व अन्य पर्वों की अपेक्षा ज्यादा सादगीपूर्ण होता है. साथ ही यह स्वच्छता का प्रतीक है, इस पर्व को लेकर सरकार का निर्देश उचित नहीं है. इस पर पुनर्विचार करना चाहिए.
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चुनाव से कोरोना नहीं, तो पर्व से कैसे
ग्रामीणों ने कहा कि सरकार का सारा कार्य चल रहा है. दो उपचुनाव भी संपन्न हो गये. इसमें हजारों की भीड़ इकट्ठा हुई. इसमें प्रतिबंध नहीं लगाया गया, परंतु छठ पर्व को प्रतिबंधित करना आस्था के साथ खिलवाड़ है. सरकार को अपना निर्णय बदलना चाहिए.
बैठक में एसआइ इंद्रदेव राम, सुमित दास, नीतीश कुमार, समाजसेवी भोला प्रसाद गुप्ता, राजीव रंजन, राकांपा नेता अजय कुमार सिंह, अखिलेश मेहता, कामदेव शर्मा, अरविंद पासवान, जितेंद्र मेहता, राजद नेता कमलेश कुमार यादव, अशोक कुमार यादव, बुधन सिंह यादव, जेएमएम नेता अमित सिंह, ओम प्रकाश अकेला, मुखिया सुनील भुईयां, पुष्पा देवी, कृष्णा सिंह, अशोक जायसवाल, महताब शाहिल, मुस्लिम अंसारी सहित कई लोग शामिल थे.
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