
jamshedpur : भुइयांडीह एरिया सार्वजनिक दुर्गापूजा कमेटी पिछले 73 सालों से दुर्गापूजा का आयोजन कर रही है. इस साल कमेटी के झारखंड संस्कृति कला रंग मंच की ओर से पूजा का आयोजन किया जा रहा है. यह शहर के सबसे पुरानी पूजा कमेटियों में से एक है. इसकी शुरुआत देश की आजादी के दो साल के बाद 1949 में शुरू हुई थी. हर साल यहां दुर्गापूज पर भव्य मेला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता था.

कमेटी के संस्थापक थे सरकार बाबू
शुरूआत में कमेटी के संस्थापक सरकार बाबू थे. उसके बाद सुनील सिंह कमेटी के प्रेसिडेंट बने. तब पूजा का आयोजन छोटे स्तर पर होता था. लेकिन धीरे-धीरे लोगों में पंडाल का ख्याति और स्वरूप भी बदला. 1988 में दलाल भुइयां पूजा कमेटी के प्रेसिडेंट बनाए गए. उसके बाद से उन्होंने पूजा कमेटी को मजबूती दी. इसके बाद मॉडल पंडाल बनाने की शुरूआत की गई. 1995 में विधायक बनने के बाद अशोक उपाध्याय को कमेटी के प्रेसिडेंट बनाए गए. उसके बाद पंडाल निर्माण और बजट भी लाख रुपये से ज्यादा हो गए. पंडाल के उद्घाटन के लिए बॉलीवुड के कलाकार व बड़े पॉलिटिशियन भी आये हुए है. बॉलीवुड डायरेक्टर प्रकाश झा भी इस पंडाल के उद्घाटन में आये हैं.
1995 में बन रहा मॉडल पंडाल
पूजा कमेटी के मुख्य संरक्षक व पूर्व मंत्री दुलाल भुइंया ने बताया कि पंडाल के शुरुआती दौर में छुआछूत का भेदभाव ज्यादा होता था. लेकिन उनके कमेटी में आने के बाद भेदभाव की स्थिति समाप्त हो गई. यहां मेला का भव्य आयोजन होने लगा. भोग यहां काफी शुद्धता से बनाए जाते हैं. मिट्टी के हांडी में भोग बनाया जाता है. साथ ही उसे पकाने के लिए लकड़ी का उपयोग होता है. दो सालों से पूजा का आयोजन सादगी से की जा रही है. कोरोना के सभी गाइड-लाइन का पालन किया जायेगा. अगले साल भव्य पूजा पंडाल का निर्माण किया जायेगा. उन्होंने सरकार से अपील की है कि आगामी पूजा दीवाली व छठ पूजा में जनहित को देखते हुए छूट देने की मांग की. जिस प्रकार बंगाल में दुर्गोत्सव का आयोजन हो रहा है उसी प्रकार यहां भी किया जा सकता था. वर्तमान में कमेटी के अध्यक्ष राम प्रसाद भुइंया, उपाध्यक्ष रविन्द्र चटर्जी, जेनरल सेक्रेटरी बलदेव भुइंया हैं.
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