
New Delhi : अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अनिल सोनी को अपना नया सीईओ बनाया है. अनिल सोनी एक जनवरी 2021 को डब्ल्यूएचओ फाउंडेशन के नये सीईओ का कार्यभार संभालेंगे.
अपने नये सीईओ की नियुक्ति के साथ ही डब्ल्यूएचओ ने अपने वैश्विक फंड जुटाने के अभियान को शुरू करने का एलान भी कर दिया है. डब्ल्यूएचओ ने वर्ष 2023 तक वैश्विक स्वास्थ्य के लिए एक बिलियन चंदे का टारगेट तय किया है.
बता दें कि हाल ही में अमेरिका ने संगठन को दी जा रही राशि में कटौती कर दी थी. डब्ल्यूएचओ फाउंडेशन में सीईओ की नियुक्ति कर निजी चंदा जुटाने की कोशिश में है, ताकि अगर कोई देश अपने योगदान में कटौती करे भी, तो उसे आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़े.
बहुराष्ट्रीय फार्मा कंपनी वियाट्रिस के साथ आठ साल रहने के बाद अनिल सोनी अगले साल जनवरी में नये डब्ल्यूएचओ फाउंडेशन से जुड़ेंगे. इस साल वैश्विक कोरोना महामारी और निकाय से अमेरिका के बाहर हो जाने के बाद डब्ल्यूएचओ की वित्तीय स्थिति डगमगायी है. निकाय बहुत हद तक सदस्य देशों के स्वैच्छिक योगदान के साथ-साथ कुछ बड़े फाउंडेशनों पर निर्भर रहता है.
सोनी ने डब्ल्यूएचओ फाउंडेशन की घोषणा से पहले एक साक्षात्कार में कहा कि उनकी प्राथमिकता कॉर्पोरेट और व्यक्तिगत चंदा जुटाना है. उन्होंने कहा कि फाउंडेशन अंततः ‘कोविड-19 सॉलिडरिटी रिस्पॉन्स फंड’ का नियंत्रण अपने हाथ में ले लेगा. इस कोष ने अब तक 23.8 करोड़ डॉलर जुटाये हैं. सोनी ‘बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन’ के वरिष्ठ सलाहकार भी रहे हैं. इस साल डब्ल्यूएचओ के बजट में जर्मनी के बाद दूसरा सबसे ज्यादा योगदान इसी फाउंडेशन ने दिया है.




