
Ranchi: सरकार के वरीय पदाधिकारियों और सचिवालय सेवा संघ के पदाधिकारियों के बीच दूसरी बार वार्ता के बाद भी कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका है. कार्मिक सचिव प्रवीण टोप्पो, वित्त सचिव प्रशांत कुमार व राजस्व पर्षद के सदस्य मस्त राम मीणा व सचिवालय सेवा संघ के अध्यक्ष ध्रुव प्रसाद व महासचिव सिंद्धार्थ शंकर बेसरा सहित अन्य पदाधिकारियों के बीच वार्ता की गयी है, जिसमें कुछ लंबित मांगों पर विचार करने की बात हुई. हालांकि, प्रमुख मांग पर कोई ठोस या सकारात्म्क निर्णय नहीं लिया जा सका.
हालांकि, बुधवार को सचिवालय सेवा संघ के अधिकारी सामूहिक अवकाश पर रहे, वार्ता के नतीजा का इंतजार भी कर रहे हैं. उसके बाद ही सामूहिक अवकाश पर बने रहने पर फैसला लिया जायेगा. बता दें कि 10 से 13 सितंबर तक तीन दिवसीय सामूहिक अवकाश पर सचिवालय सेवा के पदाधिकारी चल रहे हैं. प्रोजेक्ट भवन, नेपाल हाउस सहित सभी सचिवालय के संलग्न कार्यालयों में दूसरे दिन भी काम ठप रहा.
ये प्रमुख मांग
- झारखंड सचिवालय सेवा के उप सचिव एवं संयुक्त सचिव स्तर के अतिरिक्त पदों का सृजन.
- कार्मिक विभाग के संकल्प के आलोक में सचिवालय सेवा के अंतर्गत उच्चतर पदों पर प्रोन्नति.
- 04.04.2014 के आलोक में प्रशाखा पदाधिकारियों को अकार्यात्मक वेतनमान पीबी-111 , 15,600-39,100 ग्रेड पे-5400 की स्वीकृति.
- संयुक्त सचिव, उप सचिव, अवर सचिव, प्रशाखा पदाधिकारी के रिक्त पदों पर प्रोन्नति.
- शिशू शिक्षण भत्ता.
- सचिवालय सेवा के मृल कोटि के रिक्त पदों पर शीध्र भर्ती
- राज्य सरकार के कर्मियों की सेवानिवृति की उम्र सीमा 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष किया जाना.




