
Patna : रोहतास में पिछले वर्ष दीपावली की देर शाम एक नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में सासाराम के कोर्ट में एक दुष्कर्मी को फाँसी की सज़ा सुनाई है. न्यायालय के द्वारा फाँसी की सजा की खबर जैसे ही परिजनों को लगी उनके चेहरे पर आत्म सन्तुष्टि के भाव दिखे.
वही बच्ची की मां ने इस फैसले को न्याय की जीत बताया है.
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क्या है मामला
दरअसल 14 नवंबर 2020 को रोहतास जिला के डालमिया नगर के गंगौली गाँव में बलराम सिंह नाम का व्यक्ति पड़ोस में रहने वाली 10 साल की एक बच्ची को मूर्ति दिखाने के बहाने बहला फुसलाकर कर ले गया. इसके बाद शराब के नशे में धुत्त हो कर दुष्कर्म किया.इसके बाद बच्ची की हत्या कर अपने ही घर में एक बक्से में शव को छिपा दिया था. इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी.
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फांसी की सजा दिलाने के लिए हुआ था आंदोलन
वही घटना से आक्रोशित लोगों ने दुष्कर्मी को फांसी की सजा की मांग के लिए आंदोलन भी किया था. तत्कालीन एसपी सत्यवीर सिंह ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया तथा आरोपी को मौके से गिरफ्तार किया था. इसके बाद रोहतास पुलिस ने पूरे प्रकरण को अंजाम तक पहुंचाया.
इस मामले में सासाराम कोर्ट के एडीजे-7 की कोर्ट साक्ष्यों के आधार पर दुष्कर्मी को फांसी की सजा सुनाई है. इसके निर्णय के बाद पीड़ित परिवार काफी हद तक संतुष्ट हुआ है. यह प्रकरण ‘डिहरी की निर्भया’ नाम से खूब चर्चित भी हुआ था.
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