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News Wing के खुलासे के बाद फायरिंग के वायरल वीडियो मामले को मैनेज करने की चल रही है कोशिश !

टेलीस्कोपिक राइफल पुलिस ने जब्त कर ली है, भांजे के हाथ में जो बंदूक था, उसकी कोई चर्चा नहीं, माउजर को बता रहे खिलौना

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Dhanbad : टेलीस्कोपिक राइफल से दीपावली के दिन फायरिंग करते हुए एक युवक विवेक सिन्हा के सोशल मीडिया इंस्ट्राग्राम पर वायरल वीडियो के मामले में धनसार पुलिस धीमी चाल चल रही है. मालूम हो कि दहशत फैलानेवाले इस वीडियो का सच न्यूज विंग ने ही सामने लाया था. पूछने पर धनबाद के एसएसपी मनोज रतन चोथे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की बात कही थी. उन्होंने कहा था कि अगर लाइसेंसी आर्म्स भी है तो इस तरह अनावश्यक गोली चलाकर वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करना अपराध है.

मामले में एसएसपी के निर्देश के बाद पुलिस ने कार्रवाई की. सोमवार दोपहर को धनसार थाना के इंस्पेक्टर लक्ष्मण राम ने न्यूज विंग संवाददाता को बताया कि अभी तक मामले को लेकर एफआइआर दर्ज नहीं की गयी है. बरमसिया में रहनेवाले विवादास्पद ठीकेदार संजय श्रीवास्तव ने रविवार को थाने में अपने आर्म्स जब्त करा दिए हैं. पुलिस ने यह नहीं बताया कि कौन-कौन आर्म्स जब्त कराये गये हैं. हालांकि धनबाद से निकलने वाले सभी दैनिक अखबारों में इस बाबत छपी खबरों में सिर्फ टेलीस्कोपिक राइफल जब्त करने का जिक्र है.

रविवार को संजय सिन्हा से पूछताछ की

संजय ने पुलिस को बताया कि इसका लाइसेंस धनबाद से निर्गत किया गया है. पुलिस इसकी जांच करेगी. संजय ने पुलिस को बताया कि माउजर खिलौना था. खबरों में राइफल के साथ उस बंदूक का जिक्र नहीं है. जिसे दोनों हाथों में लेकर संजय के भांजा विवेक सिन्हा ने फोटो खिंचाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया था. धनसार के इंस्पेक्टर ने बताया कि पुलिस ने रविवार को संजय सिन्हा से पूछताछ की. इसके बाद उसे छोड़ दिया गया. कहा कि वरीय अधिकारियों के निर्देश के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. मामले की जांच डीएसपी मुकेश कुमार कर रहे है. फोरेंसिक जांच करवायी जाएगी.

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दबंग घराने के दरबार से रिश्ता

बता दें कि सत्ताधारी दल के बड़े नेताओं के दरबार में संजय अक्सर नजर आते हैं. कभी एक दबंग घराने के नाम पर ठीकेदारों से लेन देन भी करते थे. संजय का नाम झरिया अमलापाड़ा निवासी सुब्रत चौधरी के सुसाइट में भी आया था. उसने अपने सुसाइट नोट में लिखा था. संजय श्रीवास्तव से उसने 14 लाख रुपये उधार लिए थे. तीन किस्त में करीब 16 लाख रुपये लौटा दिए. लेकिन संजय सुब्रत का एसबीआई बरटांड़ शाखा का 10-12 चेक जबरन साइन करवा कर अपने पास रखा था. चेक बाउंस कराकर हर दिन दबाव बनाकर तकाजा करता था. पैसा नहीं देने पर सुब्रत की पत्नी और बच्चों को उठा लेने की धमकी दी जा रही थी.

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