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चिराग के बाद पशुपति पारस ने तरेरी आंखें, बीजेपी को दिया 31 दिसंबर का अल्टीमेटम

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Patna: बिहार एनडीए में छाये संकट के बादल गहराते ही जा रहे हैं. रालोसपा के बाद लोजपा और बीजेपी के रिश्तों में खटास आती दिख रही है. सीट बंटवारे को लेकर लोकजनशक्ति पार्टी असंतुष्ट नजर आ रही है. पहले केंद्रीय मंत्री के बेटे चिराग पासवान के एक ट्वीट ने बिहार की राजनीति गरमा दी, अब लोजपा नेता पशुपति पारस के बयान ने उसे और हवा दे दी है. दरअसल, लोजपा नेता पारस ने बीजेपी को 31 दिसंबर का अल्टीमेटम दिया है. उनका कहना है कि इस तारीख तक बीजेपी को बिहार में लोकसभा सीटों पर फैसला कर लेना चाहिए.

31 दिसंबर का अल्टीमेटम

लोजपा नेता ने कहा कि 2014 में हम एनडीए का हिस्सा बने, हम 2019 में भी नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाना चाहते थे. गठबंधन पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि हमें 2014 जितनी ही सात सीटें दी जाएं. साफ ही कहा कि सीट बंटवारे को लेकर जब अमित शाह और नीतीश कुमार के बीच बात हुई, उस वक्त लोजपा से किसी तरह की चर्चा नहीं हुई थी.

आगे उन्होंने कहा कि जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा के जाने से एनडीए संकट में है, ऐसे में अमित शाह को एनडीए के सभी नेताओं के साथ बैठक करनी चाहिए. गौरतलब है कि राम विलास पासवान को ‘राजनीति का मौसम वैज्ञानिक’ कहा जाता है. ऐसे में अगर उनकी पार्टी बीजेपी को इस प्रकार का अल्टीमेटम दे रही है तो एनडीए के लिए चिंता करनेवाली बात है.

उल्लेखनीय है कि इससे पहले चिराग पासवान ने ट्वीट कर बीजेपी को नसीहत दी थी. चिराग ने अपने ट्वीट में कहा था कि तेलुगूदेशम पार्टी व रालोसपा के राजग से अलग हो जाने के बाद यह गठबंधन नाज़ुक मोड़ से गुज़र रहा है, ऐसे समय में भाजपा गठबंधन में फ़िलहाल बचे हुए साथियों की चिंताओं को समय रहते सम्मान पूर्वक तरीक़े से दूर करे.

गौरतलब है कि बिहार की 40 लोकसभा सीटों के बंटवारे को लेकर एनडीए में  काफी समय से माथापच्ची जारी है. इस सीट बंटवारे को लेकर नाराज चल रहे रालोसपा ने एनडीए से रिश्ता तोड़ लिया. हालांकि, बीजेपी और जेडीयू में बराबर की सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला हुआ था. लेकिन कितनी सीटों पर कौन लड़ेगा, ये तस्वीर अबतक साफ नहीं हो पायी है.

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