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कोरोना को मात देने के बाद मरीजों का चेस्ट फिजियोथेरेपी से होगा इलाज, डॉ अजीत को बनाया गया पोस्ट कोविड ओपीडी का इंचार्ज

Ranchi : कोरोना का कहर पहले से थोड़ा कम हुआ है. संक्रमण के नए मामले हाल के कुछ दिनों में काफी कम हो गए हैं. मरीज तेजी से रिकवर हो रहे हैं. लेकिन इस बीच ठीक होने के बाद लोगों पर पोस्ट कोविड इफेक्ट ज्यादा देखने को मिल रही है. जिसके तहत सांस लेने में तकलीफ, देखने में समस्या, मेंटल इलनेस जैसी परेशानियों से लोग जूझ रहे हैं. ऐसे लोगों के लिए ही सदर हॉस्पिटल में पोस्ट कोविड ओपीडी की शुरुआत की गई है.

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जहां पर कोरोना को मात देने वाले मरीजों का चेस्ट फिजियोथेरेपी से इलाज किया जाएगा. वहीं मरीजों की काउंसलिंग कर उनके डर को भी खत्म किया जाएगा. सर्जन डॉ अजीत को पोस्ट कोविड ओपीडी का इंचार्ज बनाया गया है. उन्होंने बताया कि कोविड को हराने के बाद भी अब पोस्ट कोविड इफेक्ट ज्यादा दिख रहे है.

म्यूकरमाइकोसिस बीमारी तेजी से फैल रही है. कोरोना से स्वस्थ हो चुके मरीजों में शुरुआती लक्षण आंख की समस्या होती है और ओपीडी बंद होने के कारण कई बार बीमारी देर से पकड़ में आती है. इसलिए ओपीडी में मरीजों की काउंसलिंग करके पता लगाया जाएगा कि उन्हें और भी कोई समस्या है तो उसका इलाज भी किया जाएगा.

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सोमवार से शुरू होगा पोस्ट कोविड ओपीडी

सदर में सोमवार से पोस्ट कोविड ओपीडी शुरू हो जाएगा. जहां पर डॉ अजीत के साथ दो और डॉक्टरों की टीम मौजूद रहेगी. टीम में एक साइकियाट्रिस्ट और एक साइकोलॉजिस्ट ओपीडी में सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक रहेंगे. कोविड के बाद कई सारे कॉम्प्लिकेशन मरीजों में दिखते हैं. मरीजों में सांस संबंधित बीमारी, ब्लड क्लॉटिंग का खतरा भी अधिक होता है. ऐसे मामलों के लिए काउंसलिंग बहुत जरुरी है.

इन बातों का रखें ध्यान

-यदि पहले से है कोई बीमारी तो उसकी दवा तत्काल लेना शुरू कर दें

-कोविड से ठीक होने के बाद एक सप्ताह के बाद किसी डॉक्टर से मिलकर ब्लड टेस्ट कराए

-खांसी होने पर गर्म पानी में नमक डालकर गार्गल करें.
मास्क हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.

-कोरोना से रिकवर होने के कम से कम 14 दिनों के बाद ही दूसरों के संपर्क में आए

-सांस लेने की एक्सरसाइज, मेडिटेशन करें, पर्याप्त मात्रा में लिक्विड लें.

– हार्ट की समस्या वाले पेशेंट थोड़ा-थोड़ा ही एक्सरसाइज करें और बाद में समय को 5-10 मिनट बढ़ाएं.
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इन चीजों को कहे ना

-स्मोकिंग ना करें
-अल्कोहल का सेवन
-हार्ड एक्सरसाइज ना करें
-ज्यादा मात्रा में मिठाई न खाएं
-बिना मतलब के टेंशन ना लें

डॉक्टर से सलाह लेकर करा सकते है टेस्ट

सीआरपी, डी डायमर, आरबीएस, एलएफटी, आरएफटी, सीबीसी

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