
Ranchi : रांची जिले के कांके अंचल अंतर्गत चामा मौजा में पूर्व डीजीपी डीके पांडेय ने जिस जमीन पर मकान बनाया है, उसकी जमाबंदी रद्द होगी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चामा मौजा के थाना संख्या 55, खाता संख्या 87, प्लॉट संख्या 1232 में वर्ष 2018-19 में संदिग्ध जमाबंदी कायम करने के मामले में दोषी पदाधिकारियों एवं कर्मियों पर कार्रवाई का आदेश दिया है. उन्होंने इस जमीन की जमाबंदी भी रद्द करने पर सहमति दे दी है. कार्रवाई करने और अवैध जमाबंदी रद्द करने का प्रस्ताव राजस्व , निबंधन और भूमि सुधार विभाग ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दिया था.
ज्ञात हो कि उक्त गैर मजरुआ मालिक प्रवृति की भूमि जिसका कुल रकबा 5.01 एकड़ है. यह प्रतिबंधित सूची में भी दर्ज है. इस जमीन की गलत तरीके से जमाबंदी की गयी थी. गलत तरीके से जमाबंदी करने के मामले में कांके के तत्कालीन अंचल अधिकारी प्रभात भूषण सिंह, तत्कालीन अंचल निरीक्षक चंचल किशोर प्रसाद और तत्कालीन राजस्व उपनिरीक्षक भुवनेश्वर प्रसाद सिंह के अलावा निबंधन करने के लिए रांची जिला के अवर निबंध राहुल कुमार चौबे, अस्थाई लिपिक विमल चंद बोस और मो खालिद आजमी तथा कंप्यूटर ऑपरेटर दिलीप कुमार महतो औऱ शैलेश कुमार जांच में दोषी पाए गए हैं. बता दें कि चामा मौजा में पूर्व डीजीपी डीके पांडे सहित कई आईपीएस अधिकारियों और रसूखदार लोगों ने जमीन खरीदी है.
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