
New Delhi: अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहीं साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ निर्वाचन आयोग ने कार्रवाई की है. चुनाव आयोग ने एटीएस के पूर्व प्रमुख दिवंगत हेमंत करकरे और बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले पर दिये गये बयानों के लिये साध्वी प्रज्ञा पर तीन दिनों का बैन लगाया है.
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भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के चुनाव अभियान पर बुधवार को 72 घंटे की रोक लगा दी गई. जो गुरुवार सुबह 6 बजे से प्रभावी हो गया और 5 मई तक चलेगा.
लेकिन इस बैन के बावजूद साध्वी प्रज्ञा ने भोपाल के एक दुर्गा मंदिर में पूजा-अर्चना की. साथ ही भजन भी गाया.
आयोग ने बयान की कड़ी निंदा की
आयोग ने प्रज्ञा ठाकुर के बयानों की कड़ी निंदा करते हुए उन्हें भविष्य में कदाचार को नहीं दोहराने की चेतावनी दी. चुनाव आयोग ने कहा कि हालांकि प्रज्ञा ने दिवंगत आईपीएस अधिकारी के खिलाफ अपने बयान के लिए माफी मांगी थी, लेकिन इस बयान को अनुचित पाया गया है.
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क्या कहा था साध्वी प्रज्ञा ने
भोपाल से कांग्रेस के दिग्विजय सिंह के खिलाफ बीजेपी की टिकट से मैदान में उतरीं साध्वी प्रज्ञा ने कहा था आतंकवादी विरोधी दस्ते (एटीएस) प्रमुख करकरे ने मालेगांव विस्फोट मामले की जांच के दौरान उन्हें यातनाएं दी थीं. और उनके शाप की वजह से ही करकरे की 26/11 आतंकवादी हमले में मौत हुई थी.
वहीं बाबरी मस्जिद मामले पर उन्होंने एक बयान दिया था कि 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में शामिल होने के लिये उन्हें अपने ऊपर गर्व है.
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