
New Delhi: भारत में प्रदूषण किस कदर बढ़ रहा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भारत में प्रदूषण रोधी मास्क की डिमांड बढ़ती जा रही है. वायु की गुणवत्ता खराब होने तथा शहरीकरण की रफ्तार बढ़ने से देश में प्रदूषण रोधी मास्क की मांग लगातार बढ़ रही है.
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उद्योग मंडल एसोचैम द्वारा जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि आनेवाले समय में प्रदूषण रोधी मास्क का बाजार लगभग सवा करोड़ का होगा.
एसोचैम ने बुधवार को एक रिपोर्ट में कहा कि भारत में प्रदूषण से बचाने वाले मास्क का बाजार 2023 तक बढ़कर 1.68 करोड़ डॉलर यानी 118 करोड़ रुपये पर पहुंच जाएगा.
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रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का प्रदूषण रोधी मास्क का बाजार 2023 तक 1.68 करोड़ डॉलर होगा, जो 2017 में 61.6 लाख डॉलर या करीब 43 करोड़ रुपये का था. एसोचैम का कहना है कि वायु में भारत के उत्तरी इलाकों में प्रदूषकों के उच्चस्तर की वजह से प्रदूषण रोधी मास्क की मांग बढ़ रही है.
इसके अलावा स्वास्थ्य सेवा पर प्रति व्यक्ति खर्च बढ़ने और जागरूकता बढ़ने की वजह से देश में प्रदूषण रोधी मास्क की मांग आगामी वर्षों में बढ़ेगी.
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