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4 दिनों बाद टाना भगतों ने समाहरणालय भवन किया खाली, उपायुक्त से वार्ता के बाद धरना समाप्त

Ranchi/Latehar : 72 घंटे से आंदोलनरत टाना भगतों ने तत्काल आंदोलन स्थगित कर दिया है. लातेहार समाहरणालय से टाना भगत अब अपने घर जा रहे हैं.15 मई तक राज्यपाल, मुख्यमंत्री व पंचायती राज मंत्री से मुलाकात करवाकर समस्या का समाधान करवाने का उपायुक्त ने आश्वासन दिया है.

क्या है माजरा

गौरतलब है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को रद्द करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय टाना भगत संघ के द्वारा पिछले 4 दिनों से समाहरणालय के सभी कार्यालयों में ताला जड़ दिया गया था. इस कारण सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व का भी नुकसान हुआ है. आम लोगों को सरकारी कार्य करवाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था.

सरकारी कर्मचारी एवं पदाधिकारी घरों में रहने को मजबूर हो गये थे. पंचायत चुनाव के प्रत्याशियों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही था. जानकारी के अनुसार समाहरणालय ठप रहने से जिला निबंधन कार्यालय में पिछले तीन-चार दिनों से एक भी दस्तावेज का निबंधन नहीं हुआ. निबंधन नहीं होने से सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व की क्षति हुई.

वहीं टाना भगतों के धरना से जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन पूरी तरह बेबस हो चुका था. त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर लगाई गई धारा 144 का भी कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा था. पंचायत समिति चुनाव को लेकर नामांकन करने आए प्रत्याशियों से अनुमंडल पदाधिकारी अपने आवास पर नामांकन करा रहे थे. पंचायत चुनाव रद्द कराने की मांग पर अड़े टाना भगत संघ के जिलाध्यक्ष बहादुर टाना भगत के मुताबिक सरकार पांचवीं अनुसूची का घोर उल्लंघन कर रही है. जबरन पंचायत चुनाव कराने में लगी है. पांचवी अनुसूची के अनुसार लातेहार जिला अधिसूचित क्षेत्र है. यहां आदिवासियों द्वारा सत्ता चलनी चाहिए. सभी कार्यालयों में कार्यों का संचालन उनके द्वारा होना चाहिए, अन्यथा सरकार का कोई कामकाज नहीं होने देंगे.

राज्यपाल या पंचायती राज सचिव के आने बाद ही हड़ताल समाप्त किया जाएगा अन्यथा यह हड़ताल अनिश्चितकालीन जारी रहेगा. सड़क से लेकर रेल पटरी को जाम करने को लेकर रणनीति तय कर आंदोलन तेज किया जाएगा.

ज्ञात हो कि टाना भगतों ने शंख, ध्वनि एवं घंटा बजाकर चंदवा में रेल ट्रैक को दो दिनों तक जाम कर रखा था. बाद में मान मनौवल के बाद मुख्यमंत्री से मिलने के बाद रेलवे ट्रैक से जाम हटाया गया था. लातेहार में टाना भगतों के प्रदर्शन की मीडिया रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग ने लातेहार जिला प्रशासन से मामले पर रिपोर्ट मांगी थी.

13 जिलों में पंचायत चुनाव का विरोध

चार दिनों से समाहरणालय में बैठे टाना भगतों ने कहा कि राज्य के 13 अनुसूचित जिलों में पंचायत चुनाव रदद् किया जाना चाहिए अन्यथा वे सब रेलवे ट्रैक को जाम कर देंगे. साहिबगंज, पाकुड़, दुमका, जामताड़ा, लातेहार, रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले में इस चुनाव को रोका जाना चाहिए.

 

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