
Ranchi: फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के कार्यकारिणी समिति की बैठक शुक्रवार को हुई. जिसमे इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी की दरों में 10 से 17 गुणा की असामान्य वृद्धि को अव्यवहारिक बताते हुए सदस्यों ने कहा कि वर्तमान में विद्युत शुल्क में किसी प्रकार की बढोत्तरी नहीं होनी चाहिए. कपड़े और परिधान सामग्री पर जनवरी 2022 से जीएसटी में प्रस्तावित की गई बढोत्तरी पर भी सदस्यों ने आपत्ति जतायी.
कहा कि जीएसटी परिषद् के इस निर्णय से देश के पूरे वस्त्र उद्योग पर गहरा असर पडने की संभावना है, क्योंकि इससे धागे महंगे होंगे, लिहाजा तैयार कपडे भी महंगे होंगे और बाजार में महंगाई के कारण ड्रेस की मांग में गिरावट आयेगी. जीएसटी परिषद् को इसपर पुनर्विचार करना चाहिए.
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पेट्रोल डीजल पर संज्ञान ले सरकार
बैठक के दौरान इस बात पर भी चिंता जताई गई कि केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साईज ड्यूटी घटाने के बाद झारखण्ड को छोडकर कई राज्यों मे ईंधन में वैट कम करने की घोषणा की गई है. झारखण्ड सरकार को भी इसपर त्वरित संज्ञान लेते हुए लोगों को राहत देनी चाहिए. इस दौरान फैक्ट्री लाइसेंस पर चर्चा की गई.
जिसकी जानकारी देते हुए चैंबर अध्यक्ष धीरज तनेजा ने कहा कि चैंबर के साथ पूर्व में संपन्न हुई बैठक के आलोक में मुख्य कारखाना निरीक्षक ने यह व्यवस्था दी थी कि फैक्ट्री लाइसेंस के ऑटो रिन्यूअल सिर्फ विहित शुल्क के आधार पर किया जायेगा. इसे वार्षिक विवरणी के साथ कंडीशनल नहीं बनाया जायेगा.
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इस निर्देश का अनुपालन पुराने लंबित आवेदनों पर नहीं किये जाने की सूचनाएं मिल रही हैं. जिसपर विभाग को तत्काल संज्ञान लेने की आवश्यता है.
इस दौरान राहुल साबू, दीनदयाल बरनवाल, महासचिव राहुल मारू, सह सचिव रोहित अग्रवाल, कोषाध्यक्ष मनीष सर्राफ समेत अन्य मौजूद रहे.
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