
Ranchi : आम आदमी पार्टी झारखंड प्रदेश के प्रमुख आदिवासी नेताओं की बैठक शनिवार को पार्टी मुख्यालय में हुई. इसमें आदिवासियों को जंगलों से हटाने के सप्रीम कोर्ट के आदेश पर चर्चा हुई. बैठक में इसका विरोध किया गया. साथ ही, यह निर्णय लिया गया कि पार्टी प्रमंडल, जिला और प्रखंड स्तर पर इस आदेश के विरोध में सम्मेलन का आयोजन करेगी. इसके लिए सभी जिला में प्रभारी नियुक्त किये गये हैं. पार्टी के उपाध्यक्ष लक्ष्मी नारायण मुंडा ने कहा कि आदिवासियों के खिलाफ चौतरफा हमला बढ़ गया है. इसके खिलाफ पूरे राज्य में आदिवासियों को उनके मुद्दों, सवालों को लेकर संगठित करके राजनीतिक लड़ाई लड़ी जायेगी. उन्होंने कहा कि पार्टी जनसमस्याओं के साथ ही आगे बढ़ेगी, जिसमें आदिवासी मुद्दे राज्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं. इसमें दलित, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों, गरीबों, मजदूरों और किसानों को भी जोड़ा जायेगा.
सरकार की ठगी में बाधक है वनाधिकार कानून
लक्ष्मी नारायाण मुंडा ने कहा कि आदिवासी समाज का अभिन्न अंग है जंगल. इस जंगल और इनसे जुड़े आदिवासी समाज के लिए कई कानून हैं देश में, जो वर्तमान सरकार को जंगलों समेत अन्य प्राकृतिक संपदाओं को लूटने नहीं दे रहे. वहीं, विकास के नाम पर जिस तरह कंपनियों को बसाकर जंगलों का नाश किया जा रहा है, ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरकार के हौसले और बुलंद हो जायेंगे.
ये बनाये गये प्रभारी
इस आदिवासी सम्मेलन के लिए संतालपरगना प्रमंडल के दुमका, जामताड़ा, गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़, देवघर जिलों के लिए प्रभारी आशारानी मुर्मू, रांची, लोहरदग्गा, गुमला जिलों के लिए प्रभारी प्रो रामनारायण भगत, पश्चिम सिंहभूम के लिए प्रभारी सुखदेव हेंब्रम, पूर्वी सिंहभूम के लिए प्रभारी रंजीत बास्के, लातेहार के लिए शंकर उरांव को बनाया गया है, सरायकेला-खरसावां, खूंटी, सिमडेगा जिला के लिए प्रभारी की घोषणा बाद में की जायेगी.
ये थे उपस्थित
मौके पर सुखदेव हेंब्रम, प्रो रामनारायण भगत, आशारानी मुर्मू, रंजीत बास्के, शंकर उरांव, संदीप भगत, जसमीन टोप्पो, सोमा उरांव समेत अन्य लोग उपस्थित थे.
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