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11 करोड़ का गबनः पलामू की तत्कालीन डीएसडब्लू सहित दो सीडीपीओ सस्पेंड

Palamu: जिले के 14 बाल विकास परियोजना के आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार मद में 11 करोड़ रुपये की अनियमितता बरतने के आरोप में तीन सीडीपीओ को समाज कल्याण महिला बाल एवं विकास विभाग के सचिव ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. इस बात की पुष्टि जिला समाज कल्याण पदाधिकारी शत्रुंजय कुमार ने की है. जिन सीडीपीओ को निलंबित किया है उनमें तत्कालीन पांकी सीडीपीओ सह प्रभारी जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कुमारी रंजना, हरिहरगंज की तत्कालीन सीडीपीओ संचिता भगत और विश्रामपुर की सीडीपीओ सुधा सिन्हा हैं. इस मामले में जिला नाजिर सतीश उरांव को भी दोषी पाया गया था. लेकिन उन पर अभी तक कोई विभागीय कार्रवाइ नहीं हुई.

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डीसी के आदेश पर थाने में दर्ज हुआ था केस

बता दें पोषाहार मद में 11 करोड़ रुपये की अनियमितता बरतने का मामला उजागर होने के बाद उपायुक्त डा. शांतनु कुमार अग्रहरि के आदेश पर प्रभारी जिला समाज कल्याण पदाधिकारी शत्रुंजय कुमार ने शहर थाना में चारों के उपर लिखित प्राथमिकी दर्ज करायी थी. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही पुलिस द्वारा अनुसंधान शुरू कर दिया गया था.

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जांच के दौरान दोनों सीडीपीओ का हो गया था तबादला

गबन के आरोपों की जांच कई स्तरों पर तत्कालीन डीएसपी प्रेमनाथ ने की थी. कई तथ्य मिलने के बाद सरकार को प्रशासन के स्तर से विभाग के सचिव को उक्त चारों आरोपियों के विरूद्ध पत्र लिखा गया था. मामला दर्ज होने के बाद पांकी सीडीपीओ कुमारी रंजना और हरिहरगंज सीडीपीओ संचिता भगत का स्थानांतरण दूसरे जिला में हो गया था.

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