
Ranchi: झारखंड के रांची विश्वविद्यालय में कर्मचारियों के द्वारा पत्रकार के साथ की गयी मारपीट के बाद आक्रोशित पत्रकारों कोतवाली थाना परिसर में धरने पर बैठ गये. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मारपीट करने के मामले में दो आरोपी कर्मचारी सूर्य भूषण शाहबादी और पुष्कर कुमार को गिरफ्तार कर लिया. वहीं मारपीट की घटना में शामिल अन्य कर्मचारियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है. जल्द ही उन सभी को भी गिरफ्तार कर लिया जायेगा.
गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे पत्रकार
रांची विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के द्वारा पत्रकार से मारपीट करने के मामले में आक्रोशित पत्रकार कोतवाली थाना परिसर में धरने पर बैठ गये थे. पत्रकार के साथ कांग्रेस नेता सुबोध कांत सहाय और झाविमो नेता बंधु तिर्की भी धरने में शामिल हुए थे. जिसके बाद डीआईजी एवी होमकर और एसएसपी अनिश गुप्ता कोतवाली थाना पहुंचे और पत्रकारों को भरोसा दिलाया कि दोषी बख्शे नहीं जायेंगे.
कवरेज करने को लेकर हुई थी मारपीट
जानकारी के अनुसार कि रांची विवि के कुछ काउंटर बहुत दिनों से बंद थे. बंद काउंटर के पास छात्र आते थे और निराश होकर लौट जाते थे. बुधवार को जब लोग वापस जा रहे थे, तो छात्रों ने इसकी जानकारी पत्रकारों को दी. मौके पर पत्रकार बंद काउंटर का कवरेज कर रहे थे. उसी दौरान विवि के कर्मचारी पत्रकारों से मारपीट करने लगे. मारपीट में तीन पत्रकार घायल हो गये. जिसमें पत्रकार चंदन की हालत गंभीर है. उन्हें रिम्स में भर्ती कराया गया है.
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग की
पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुबोधकांत सहाय ने रांची विश्वविद्यालय परिसर में पत्रकारों पर कातिलाना हमले की तीव्र भर्त्सना की है. इस संदर्भ में उन्होंने राज्य सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. उन्होंने कहा है कि रांची और झारखंड के अन्य जिलों में पत्रकारों पर हमले की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. इसके बावजूद राज्य की रघुवर सरकार और पुलिस-प्रशासनिक मशीनरी ऐसे मामलों में लगातार घोर उदासीनता बरत रही है. जो कि गंभीर चिंता का विषय है.
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