
Ranchi : झामुमो विधायक कुणाल षाडंगी ने सरकार को पत्र लिखकर सोमवार से होनेवाली छठी जेपीएससी मुख्य परीक्षा पर अविलंब रोक लगाने की मांग की है. षाडंगी ने पत्र के माध्यम से कहा है कि जेपीएससी पीटी में आरक्षण को लेकर मंत्री अमर बाउरी की अध्यक्षता में कमिटी का गठन किया गया था. मुख्यमंत्री रघुवर दास के आदेश के बाद ही उक्त कमिटी का गठन हुआ था. लेकिन, कमिटी की अनुशंसा का पालन किये बगैर ही परीक्षा आयोजित की जा रही है. षाडंगी ने कहा कि एसटी, एससी, ओबीसी के कई अभ्यर्थियों को अवसर और उम्र सीमा का लाभ नहीं मिला और न ही आरक्षण का ही लाभ मिल सका है. ऐसे में यह जरूरी है कि छठी जेपीएससी मुख्य परीक्षा पर अविलंब रोक लगायी जाये और बाउरी कमिटी की अनुशंसाओं का पालन सुनिश्चित कराया जाये. इधर, अभ्यर्थियों ने बताया कि कोर्ट में जो मामला चल रहा है वह अलग है और उनकी मांगें अलग हैं. अभ्यर्थियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं होता है, तो वे सभी न्यायालय का दरवाजा खटखटायेंगे.
परीक्षा स्थगित नहीं हुई, तो सोमवार को झामुमो नहीं चलने देगा सदन
विधायक कुणाल षाडंगी ने अपने ट्वीट के माध्यम से स्पष्ट कर दिया कि अगर छठी जेपीएससी मुख्य परीक्षा को स्थगित नहीं किया जाता है, तो सोमवार झामुमो सदन नहीं चलने देगा. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है, “राज्य की भाजपा सरकार यह कहकर बहाना बना रही है कि जेपीएससी का यह मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है. तब जेपीएससी ने एडमिट कार्ड कैसे जारी कर दिया? कार्य स्थगन का मेरा प्रस्ताव भी रिजेक्ट कर दिया गया. कल (सोमवार को) मुख्य परीक्षा है. अगर सरकार इस पर रोक नहीं लगाती है, तो झामुमो कल (सोमवार) को सदन को चलने नहीं देगा.” गौरतलब है कि सदन में पहले भी सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के विधायक ने परीक्षा को स्थगित करने को लेकर आवाज बुलंद कर चुके हैं. अभ्यर्थी लगातार विधायक, मंत्री से मिलकर परीक्षा रुकवाने का प्रयास कर चुके हैं, पर कोई नतीजा नहीं निकला है.

10 घंटे से जमे हैं अभ्यर्थी
मुख्य परीक्षा स्थगित करने की मांग को लेकर अभ्यर्थी रविवार के दिन के 11 बजे से आयोग के बाहर जमे हुए हैं. उनका कहना है कि वे रात भर जमे रहेंगे. परीक्षा स्थगित नहीं होने की स्तिथि में वे सोमवार को परीक्षा का बहिष्कार करेंगे.
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