
East Singhbhum: विकास योजना की राशि का गबन करने के मामले में जिले का पोटका प्रखंड सबसे आगे दिख रहा है. प्रखंड के 6 मुखिया पर सरकारी राशि के गबन को लेकर प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है. साथ ही कई मुखिया के कार्य की जांच भी चल रही है. लेकिन एफआईआर दर्ज होने के बाद किसी भी मुखिया को अब तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका है. इनमें से पांच पंचायतों के मुखिया पर शौचालय निर्माण की एक करोड़ 54 लाख की राशि गबन करने के मामले में अक्टूबर 2018 में ही प्राथमिकी में दर्ज हुई थी. जबकि प्रखंड विकास पदाधिकारी पोटका ने 14 वें वित अयोग की 19 लाख 206 राशि गबन करने को लेकर मामला दर्ज कराया है.
सानग्राम पंचायत के मुखिया पर FIR
पोटका प्रखंड के सानग्राम पंचायत में 14 वें वित्त आयोग की राशि से 19 लाख रुपये का घोटाला किये जाने के मामले को लेकर पोटका थाना में मामला दर्ज किया गया है. पोटका के बीडीओ कपिल कुमार की शिकायत पर मुखिया रुक्मिणी मुर्मू एवं पंचायत सचिव मनसाराम सिंह पर मामला दर्ज किया गया है. इसमें पंचायत मंडप सौंदर्यीकरण एवं अन्य सामग्री की खरीद की राशि में हेराफेरी की गई है.
कहां खर्च करनी थी 14वें वित्त आयोग से मिली राशि
14वें वित्त आयोग की मिली राशि को पंचायत को जलापूर्ति, सीवरेज एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता, जल निकासी, सामुदायिक परिसंपत्तियों के रखरखाव, सड़क, फुटपाथ एवं स्ट्रीट लाइट के रखरखाव, श्मशान-कब्रिस्तान के रखरखाव, राज्य सरकार द्वारा पंचायतों के लिए समय-समय पर निर्धारित आधारभूत कार्यों में खर्च करना है.
क्या कहते हैं पोटका बीडीओ
पोटका बीडीओ कपिल कुमार ने बताया कि सानग्राम के मुखिया रुक्मिणी मुर्मू एवं पंचायत सचिव मनसाराम सिंह ने पंचायत मंडप सौंदर्यीकरण एवं पंचायत के लिए सामग्री की खरीदारी में 19 लाख 206 रुपये खर्च दिखाया था. दोनों पर आरोप लगाने के बाद जांच की गई और खर्च के संबंधित अभिलेख की मांग की गई, जिसे वो नहीं दे सके. जबकि सामग्री खरीद की कुल राशि को चार चेक के माध्यम से निकाला गया था. इसमें मुखिया रुक्मिणी मुर्मू एवं पंचायत सचिव मनसाराम सिंह द्वारा उक्त राशि का गबन किये जाने का मामला है. इस मामले में पोटका थाना में दोनों पर आईपीसी की धारा 406, 409, 420, 34 के तहत मामला दर्ज कराया गया है.
वहीं पूर्व में दर्ज कराये गये मामले में की गई कार्रवाई को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि गबन के मामले में प्रखंड के द्वारा प्रथामिकी तो दर्ज करा दी गई है. लेकिन कार्रवाई तो थाने के द्वारा की जानी है जो अबतक लंबित है.
पांच मुखिया पर एक करोड़ 54 लाख के गबन का आरोप
ज्ञात हो कि प्रखंड के स्वच्छ भारत मिशन की राशि गबन को लेकर पांच मुखिया पर अक्टूबर 2018 में एफआईआर हो चुकी है, जिसपर अब तक कार्रवाई नहीं हुई है.
इसमें प्रखंड के कुलडीहा पंचायत के मुखिया लखी चरण सिंह, कोवली के मुखिया सुचित्रा सरदार, मानपुर के मुखिया तारिणी सिंह सरदार, शंकरदा पंचायत के मुखिया काल्परा हांसदा और शंकरदा पंचायत के मुखिया सुशील सरदार पर स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण की राशि में घोर अनियमितता बरतने और बिना शौचालय निर्माण के राशि का बंदरबांट करने को लेकर पोटका और जादूगोड़ा थाने में अक्टूबर 2018 में प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है. उपरोक्त 5 पंचायतों के मुखिया पर एक करोड़ 54 लाख गबन का आरोप है.
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