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झारखंड में 62 बंद कोयला खदानों की फिर होगी नीलामी, खान सचिव ने DC-SP से मांगी रिपोर्ट

 

कोयला खदान (AI GENERATED IMAGE)

झारखंड में लंबे समय से बंद पड़ी कोयला खदानों को लेकर हेमंत सोरेन सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य में 62 बंद कोयला खदानों का आवंटन रद्द कर उनकी नए सिरे से नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। इस संबंध में खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अरवा राजकमल ने सभी जिलों के उपायुक्त (DC), पुलिस अधीक्षक (SP) और वन प्रमंडल पदाधिकारियों से कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। सरकार का उद्देश्य बंद पड़ी खदानों का उपयोग सुनिश्चित करना, खनिज संसाधनों से राजस्व बढ़ाना और अवैध खनन पर रोक लगाना है।

झारखंड में 165 कोयला खनन पट्टे, 62 खदानें बंद

झारखंड में कुल 165 कोयला खनन पट्टे आवंटित हैं। इनमें से 103 खदानों में खनन कार्य संचालित हो रहा है, जबकि 62 खदानें लंबे समय से बंद पड़ी हैं।

जानकारी के अनुसार, इन 62 बंद कोयला खदानों में से 58 के पट्टे बीसीसीएल (BCCL), सीसीएल (CCL) और ईसीएल (ECL) के पास हैं। वहीं, शेष चार खदानें सेल (SAIL), टाटा स्टील, हिंडाल्को और अरन्या माइंस प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित हैं।

सरकार ने निर्देश दिया है कि जिन खदानों में भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय स्वीकृति और वन संबंधी मंजूरी मिलने के बावजूद खनन कार्य शुरू नहीं हुआ है, उनके आवंटन की नियमानुसार समीक्षा कर उसे रद्द करने की प्रक्रिया अपनाई जाए। इसके बाद संबंधित खदानों की दोबारा नीलामी की जाएगी।

खान सचिव ने DC और SP से मांगी रिपोर्ट

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 3 जून 2026 को खान एवं भूतत्व विभाग की समीक्षा बैठक हुई थी। बैठक में बंद खदानों को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए थे।

इन निर्देशों के अनुपालन के लिए खान सचिव अरवा राजकमल ने 6 नवंबर को जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को कार्रवाई करने का निर्देश दिया। अधिकारियों से अब तक की गई कार्रवाई और निर्देशों के अनुपालन की रिपोर्ट मांगी गई है।

रिपोर्ट के आधार पर बंद खदानों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी और आगे की कार्रवाई तय होगी।

कोयले के अलावा 49 अन्य खदानों पर भी कार्रवाई

राज्य सरकार केवल कोयला खदानों तक ही सीमित नहीं है। झारखंड में लौह अयस्क, बॉक्साइट, चूना पत्थर, ग्रेफाइट, तांबा, यूरेनियम, सोना और मैंगनीज जैसे खनिजों के कुल 85 खनन पट्टे आवंटित हैं।

इनमें से 36 खदानें संचालित हैं, जबकि 49 खदानें बंद पड़ी हैं। सरकार इन खदानों की भी समीक्षा कर रही है। जिन खदानों में आवश्यक स्वीकृतियां मिलने के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ है, उनके आवंटन को रद्द कर दोबारा नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया है।

अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए चेकनाके और CCTV

राज्य में अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन और बालू के अवैध उठाव पर रोक लगाने के लिए भी सरकार ने सख्ती बढ़ाने का निर्देश दिया है।

प्रमुख निकासी मार्गों और बालू घाटों पर चेकनाके स्थापित करने तथा CCTV कैमरे लगाने की योजना है। इसके साथ ही राज्य और जिला स्तर पर खनन टास्क फोर्स को सक्रिय करने और आधुनिक तकनीक के माध्यम से निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

444 बालू घाटों में से 300 की नीलामी पूरी

झारखंड में बालू घाटों की नीलामी को लेकर भी समीक्षा की गई है। राज्य में कुल 444 बालू घाट हैं, जिनमें से 300 की नीलामी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। शेष घाटों की नीलामी जल्द पूरी करने और नीलाम घाटों का संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

सरकार का मानना है कि बंद खदानों का दोबारा संचालन और पारदर्शी नीलामी से राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी। साथ ही खनिज संपदा का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

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