
- असम का दिया उदाहरण, असम के पूर्व सीएस वीके पनसरिया को मिला था छह माह का एक्सटेंशन
- टीसीआर में उल्लेख है कि अधिकतम तीन माह का ही मिल सकता है एक्सटेंशन
RAVI ADITYA
RANCHI: झारखंड के वर्तमान मुख्य सचिव को कुल छह माह का एक्सटेंशन मिल चुका है. लेकिन इस एक्सटेंशन के लिए केंद्र (केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय) ने नियमों को शिथिल किया. तभी जाकर वर्तमान मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी को 31 मार्च 2019 तक का एक्सटेंशन मिला. सुधीर त्रिपाठी के दूसरे एक्सटेंशन के लिए असम का उदाहरण को सामने लगाया गया. वहां के पूर्व मुख्य सचिव को वीके पिपरसेनिया को अधिकतम छह माह का एक्सटेंशन मिला था. सुधीर त्रिपाठी के मामले में असम के पूर्व मुख्य सचिव वीके पिपरसेनिया के एक्सटेंशन को ही आधार बनाया गया.
क्या कहता है नियम
टीसीआर (टेक्स्ट कम रिटायरमेंट) के पारा छह और सात के अनुसार सीएस रैंक के तीन अफसरों को अधिकतम तीन माह का ही एक्सटेंशन मिल सकता है. इसमें मुख्य सचिव, विकास आयुक्त और अपर मुख्य सचिव वित्त को ही एक्सटेंशन देने का उल्लेख है. प्रावधान यह भी किया गया है कि जब बजट सत्र चल रहा हो तभी अधिकतम तीन माह का एक्सटेंशन मिल सकता है. या फिर आयोग के अध्यक्ष व सदस्य के कार्यकाल का तीन माह बचा हुआ हो.
ब्यूरोक्रेसी में चर्चा, नवंबर में एक्सटेंशन की मिल चुकी थी हरी झंडी
सूत्रों की मानें तो नवंबर के अंतिम सप्ताह में मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी को एक्सटेंशन देने की पटकथा लिखी जा चुकी थी. 31 दिसंबर 2018 को राज्य सरकार ने एक्सटेंशन का आदेश जारी कर दिया. झारखंड की ब्यूरोक्रेसी के इतिहास में यह पहली घटना है जब किसी मुख्य सचिव को दो बार एक्सटेंशन मिला है. इससे पूर्व मुख्य सचिव एसके चौधरी को दो महीने का एक्सटेंशन मिला था.
पीएमओ की पसंद हैं सुधीर त्रिपाठी
सूत्रों के अनुसार, पीएमओ की पसंद सुधीर त्रिपाठी हैं. इससे पहले भी जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 सितंबर को झारखंड आये थे, उसी दिन मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी को एक्सटेंशन देने की पटकथा लिखा जा चुकी थी. पीएमओ में कार्यरत वरिष्ठ आइएएस अफसर नृपेंद्र मिश्रा से चर्चा होने के बाद सुधीर त्रिपाठी का एक्सटेंशन कंफर्म हुआ था.
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