
Palamu : यूनाईटेड फोरम बैंक ऑफ यूनियन के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर पलामू जिले के सरकारी बैंकों में बुधवार को ताले लटके रहें. हड़ताली बैंक कर्मी अपनी मांगों के समर्थन में बैंकों के बाहर प्रदर्शन करते नजर आए. इस दौरान सरकारी विरोधी नारेबाजी की. बैंकों में हड़ताल के कारण दैनिक काम काज पूरी तरह से ठप रहने के साथ ही लाखों का वित्तीय लेन-देन का कार्य प्रभावित रहा.
ग्रामीण खाताधारी रहे ज्यादा परेशान
हड़ताल से ग्रामीण क्षेत्र के खाता धारकों को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ा. बैंकों में हड़ताल की जानकारी नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों के कई खाता धारक पैसों को जमा करने और निकासी करने के लिए बैंकों के कार्यालय पहुंचे थे. हड़ताल की जानकारी होने के कारण सभी निराश भाव से सभी अपने-अपने घर वापस हो लौट गए.
निजी बैंकों के विलय से होगी भारी परेशानी : एसबीआइ एजीएम
मौके पर एसबीआइ क्षेत्र तीन के एजीएस शैलेंद्र दुबे ने बताया कि सरकार द्वारा बैंक ऑफ बड़ौदा, देना बैंक और विजया बैंक का विलय करने से कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. सबसे अधिक परेशानी उन बैंकों की ऋण वसूली में होगी. उन्होंने बताया कि सरकार का यह निर्णय आत्मघाती कदम है. सरकार के एक तरफे निर्णय का बैंक एसोसिएशन विरोध कर रहा है. विरोध स्वरूप पूरे देश के लगभग 10 लाख कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर हैं.
चलेगा चरणबद्ध आंदोलन
एसबीआइ एजीएम ने कहा कि यह हड़ताल सांकेतिक तौर पर की गयी है. इसके बाद भी अगर सरकार अपने निर्णय पर अड़ी रही तो फिर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन होगा. सरकार को पहले कर्ज में डूबे बैंकों के वित्तीय स्थिति को ठीक करने के बाद ही उन तीनों बैंकों को किसी दूसरे बैंकों में विलय करना चाहिए था. वर्तमान स्थिति से जो बैंक सही स्थिति में चल रहे हैं, उनकी भी स्थिति खराब हो जायेगी.
हड़ताल का असर एटीएम पर भी
बैंकों की हड़ताल का असर विभिन्न बैंकों के एटीएम पर भी दिखा. लगातार हड़ताल के कारण एटीएम काउंटर खाली पड़ गए है. लोग पैसों की निकासी के लिए एक एटीएम काउंटर से दूसरे एटीएम काउंटर की ओर दौड़ लगाते दिखे. लेकिन किसी एटीएम से पैसा नहीं निकला. गुरुवार को बैंक खुलने के बाद ही दोपहर तक एटीएम में पैसा डाले जाने की संभावना है. इसके बाद ही लोग एटीएम से पैसा निकाल पाएंगे.
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