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पूर्वी के बदले पश्चिमी जमशेदपुर से चुनाव लड़ेंगे सरयू राय? दो सीटों से चुनाव लड़ सकते हैं सुदेश महतो

Sunil Singh

Ranchi: झारखंड में भाजपा और जनता दल यूनाइटेड के बीच गठबंधन के तहत सीटों के बंटवारे में जमशेदपुर पूर्वी  के विधायक सरयू राय रोड़ा बने हुए थे. लेकिन अब इस विवाद को लगभग हल कर लिया गया है. सरयू राय पूर्वी के बदले पश्चिमी जमशेदपुर से लड़ने को लगभग तैयार हो गए हैं. उन्होंने इसका संकेत भी दिया है. कहा है कि दोनों जगहों में से कहीं भी पार्टी लड़ने को कहेगी तो वह तैयार हैं. क्योंकि एक-एक सीट का महत्व है और एनडीए के लिए वह हर फैसला  मानने को तैयार हैं. जबकि इसके पहले सरयू राय कहते थे कि वह पूर्वी से ही तैयारी कर रहे हैं और यहीं से चुनाव लड़ेंगे.

खबर है कि भाजपा की ओर से उन्हें पश्चिमी से ही चुनाव लड़ने को कहा गया है. पूर्वी जमशेदपुर की सीट भाजपा की परंपरागत सीट है. इसलिए वह इसे छोड़ने को तैयार नहीं है. जमशेदपुर पूर्वी का विवाद केंद्रीय नेतृत्व के पाले में है. भाजपा नेतृत्व ने पूर्वी जमशेदपुर और पश्चिमी सीट को होल्ड पर रखा था. पर अब विवाद  समाप्त हो गया है. इसकी घोषणा जल्द होगी.

4 अगस्त को सरयू राय जब जदयू में शामिल हुए थे तो उसी दिन यह तय हो गया था कि भाजपा और जदयू के रिश्ते में सरयू राय रोड़ा बनेंगे. अब यही हो रहा है. ओडिशा के राज्यपाल रघुवर दास और सरयू राय के रिश्ते जग जाहिर जाहिर हैं. रघुवर दास ने पूरा जोर लगाया है कि पूर्वी जमशेदपुर की सीट सरयू राय के लिए भाजपा न छोड़े. उन्होंने इसे प्रतिष्ठा की लड़ाई बना ली है. रघुवर दास ने अपनी भावना से केंद्रीय नेतृत्व को भी अवगत करा दिया है. केंद्रीय नेतृत्व बीच का रास्ता तलाश रहा था. भाजपा का एक बड़ा खेमा चाहता है कि सरयू राय पूर्वी के बदले अपनी पुरानी सीट पश्चिमी जमशेदपुर से चुनाव लड़ें. भाजपा नेतृत्व ने इस मामले को लगभग सुलझा लिया है. सरयू राय पश्चिमी से ही चुनाव लड़ेंगे. इसकी संभावना प्रबल हो गई है.

जदयू सुधा चौधरी के लिए पलामू में छतरपुर की सीट भी मांग रहा है. जबकि यह सीट भाजपा  की है. पुष्पा देवी विधायक हैं. भाजपा यह सीट छोड़ने को तैयार नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष खीरू महतो अपने बेटे के लिए मांडू की सीट चाहते हैं. लेकिन यह सीट आजसू के खाते में है. खबर है कि भाजपा जदयू को तीन सीट देने को तैयार हो गई है. इनमें एक सीट तमाड़ है. जहां से राजा पीटर प्रत्याशी होंगे. दूसरी सीट जमशेदपुर की है. तीसरी सीट पर मामला फंसा हुआ है. छतरपुर या कोई दूसरी सीट हो सकती है.

टुंडी पर आजसू और जदयू दोनों की दावेदारी है. सुदेश महतो टुंडी के लिए जोर लगाए हुए हैं. खबर है कि कुछ स्थानीय नेताओं से उन्होंने फोन पर बात कर टुंडी में समर्थन की मांग की है. यह भी कहा जा रहा है कि सुदेश महतो इस बार दो सीटों से चुनाव लड़ना चाहते हैं. सिल्ली उनके लिए बहुत सेफ नहीं है. इसलिए वह टुंडी से भी चुनाव लड़ सकते हैं. इसीलिए आजसू ने टुंडी पर दबाव बनाया है. सुदेश महतो ने अपने लोगों को संदेश भी दिया है.

इधर, बड़कागांव पर भी भाजपा ने अंतिम रूप से कोई फैसला नहीं लिया है. यहां आजसू की दावेदारी है. चंद्रप्रकाश चौधरी के भाई रोशन लाल चौधरी यहां से चुनाव लड़ना चाहते हैं. वह दो बार चुनाव लड़कर हार चुके हैं. रोशन लाल को लेकर आजसू में भी मतभेद है. वजह एक ही परिवार के वर्चस्व के कारण विरोध है. चंद्र प्रकाश चौधरी गिरिडीह से सांसद हैं. उनकी पत्नी सुनीता चौधरी रामगढ़ से विधायक हैं. इस बार भी वह चुनाव लड़ेंगी. ऐसे में एक सीट उनके भाई के लिए और दी जाए इस पर विवाद है. रोशन लाल चौधरी यदि बड़कागांव से चुनाव लड़ते हैं और पार्टी उन्हें उम्मीदवार बनाती है तो फिर परिवारवाद का आरोप लगेगा.

भाजपा की नजर कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद पर है. अंबा प्रसाद यहां मजबूत हैं. राजनीतिक समीकरण अभी भी उनके पक्ष में है. ऐसे में भाजपा उन पर डोरे डाल रही है. अंबा को लेकर ही बड़कगांव का मामला अटका हुआ है. हालांकि अंबा प्रसाद ने इन खबरों का खंडन किया है कि वह भाजपा के संपर्क में हैं. भाजपा के पास बड़कागांव से चुनाव लड़ने के लिए कोई दमदार उम्मीदवार नहीं है.

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