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बाबूलाल, अर्जुन मुंडा, निशिकांत दुबे समेत 27 भाजपा नेताओं के खिलाफ पीड़क कार्रवाई पर रोक जारी, 14 अगस्त को अगली सुनवाई

Ranchi: 11 अप्रैल 2023 को रांची में सचिवालय मार्च के दौरान  भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, सांसद अर्जुन मुंडा, संजय सेठ सहित 27 भाजपा नेताओं  की ओर से धुर्वा थाना में दर्ज प्राथमिकी  को निरस्त करने  का आग्रह करने वाली याचिका की सुनवाई में  सोमवार को झारखंड हाईकोर्ट में हुई. मामले में सरकार की ओर से बहस के लिए समय की मांग की गई. जिस पर कोर्ट ने सुनवाई के लिए 14 अगस्त की तिथि निर्धारित की है.  मामले में राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट में जवाब दाखिल कर दिया गया था. पिछले सुनवाई में राज्य सरकार को जवाब के लिए अंतिम अवसर प्रदान  किया गया था.

कोर्ट ने  प्रार्थी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी,  पूर्व सांसद अर्जुन मुंडा ,सांसद संजय सेठ, ढुल्लू महतो समेत 27 भाजपा नेताओं के खिलाफ कार्रवाई पर   14 अगस्त तक रोक जारी रखी है.

दरअसल, कार्यक्रम के तहत सचिवालय की ओर मार्च कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं  की पुलिस के साथ झड़प हो गई थी. मामले  को लेकर धुर्वा थाना में कांड संख्या 107/ 2023 दर्ज किया गया था. इसमें सांसद पूर्व मुख्यमंत्री  बाबूलाल मरांडी और रघुबर दास, पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, चतरा सांसद सुनील कुमार सिंह, विधायक अमित मंडल , समीर उरांव, सांसद निशिकांत दुबे सहित 41 नामजद एवं कई अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

क्या है मामला

भाजपा की ओर से खनिज समृद्ध राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था, मौजूदा भ्रष्टाचार और बेरोजगारी की उच्च दर के विरोध में इस मार्च का आयोजन किया गया था. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस, वाटर कैनन का इस्तेमाल किया था और लाठीचार्ज भी किया था. उस दौरान क्षेत्र में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई थी. सचिवालय तक मार्च  पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी और रघुबर दास, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और अन्नपूर्णा देवी और राज्य के पार्टी सांसदों के नेतृत्व में शुरू हुआ था.

पुलिस का क्या है आरोप

पुलिस के मुताबिक पार्टी कार्यकर्ताओं के एक समूह ने बोतलें और पत्थर फेंके, जिससे कुछ पुलिसकर्मी और मीडियाकर्मी घायल हो गए थे.  भाजपा कार्यकर्ताओ ने पुलिस बैरिकेड तोड़कर बलपूर्वक आगे बढ़ने की कोशिश की थी,  जिसपर पुलिस ने  लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े थे.

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