
Ranchi: याचिका में त्रुटि दूर किए बिना हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए मेंशन करने पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा पर पूर्व में लगाए गए 125000 के जुर्माने को आज झारखंड हाई कोर्ट ने माफ कर दिया. प्रार्थी की ओर से आज अधिवक्ता प्रशांत पल्लव ने अर्जुन मुंडा पर लगाए गए जुर्माना की राशि माफ करने का आग्रह कोर्ट से किया था. जिसे कोर्ट ने मान लिया. वहीं कोर्ट ने रांची में बीजेपी के सचिवालय मार्च मामले में धुर्वा थाने में दर्ज एफआईआर मामले में अर्जुन मुंडा सहित 27 आरोपियों पर पीड़क कार्रवाई पर रोक 25 जुलाई तक जारी रखी है.
पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा द्वारा 11 अप्रैल 2023 को रांची में सचिवालय मार्च के दौरान धुर्वा थाना में दर्ज प्राथमिकी को निरस्त करने का आग्रह करने वाली याचिका की सुनवाई के दौरान यह पाया कि याचिका में त्रुटि अब तक दूर नहीं की गई है. इसके बाद भी मामले को कोर्ट में सुनवाई के लिए मेंशन किया गया, बाद में मामले की सुनवाई भी हाई कोर्ट में हुई थी. कोर्ट ने याचिका में त्रुटि दूर किए बिना इस याचिका को कोर्ट के समक्ष सुनवाई के लिए मेंशन करने को गंभीरता से लेते हुए अर्जुन मुंडा पर 125000 रुपए का जुर्माना लगाया था. हालांकि कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए मंत्री अर्जुन मुंडा सहित 27 आरोपियों को तत्काल राहत देते हुए उनके खिलाफ पीड़क कार्रवाई पर रोक लगाई थी.
दरअसल, कार्यक्रम के तहत सचिवालय की ओर मार्च कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ झड़प हो गई थी. मामले को लेकर धुर्वा थाना में कांड संख्या 107/ 2023 दर्ज किया गया था. इसमें केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा सांसद, पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी और रघुबर दास, चतरा सांसद सुनील कुमार सिंह, विधायक अमित मंडल, समीर उरांव, सांसद निशिकांत दुबे सहित 41 नामजद एवं कई अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी. अर्जुन मुंडा की ओर से इसी प्राथमिकी को निरस्त करने का आग्रह हाईकोर्ट से किया गया है.
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