
Ranchi : उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के लगभग 15 हजार पारा शिक्षकों ने गुरुवार को राजभवन के समक्ष जमकर हंगामा किया. अपनी मांगों के समर्थन में पारा शिक्षक गुरुवार को चौथे दिन प्रदर्शन स्थल से पुलिस बैरिकेड को तोड़कर राजभवन के मुख्यद्वार तक पहुंच गये और वहां जमकर सरकार विरोधी नारे लगाये. पुलिस प्रशासन की काफी मशक्कत के बाद पारा शिक्षकों को प्रदर्शन स्थल तक लाया जा सका. पारा शिक्षकों को राजभवन के मुख्यद्वार से हटाने के लिए पुलिस द्वारा हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा.
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छत्तीसगढ़ की तर्ज पर स्थायीकरण और वेतनमान की कर रहे हैं मांग
ज्ञात हो कि पारा शिक्षक छत्तीसगढ़ की तर्ज पर झारखंड में स्थायीकरण एवं वेतनमान की मांग कर रह हैं. एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रदेश सदस्य संजय कुमार दुबे ने अपनी मांगों के समर्थन में कहा कि छत्तीसगढ़ की तर्ज पर अगर स्थायीकरण और वेतनमान की मांग नहीं मानी जाती है, तो प्रदेश के 67 हजार पारा शिक्षक राज्य स्थापना दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे और 16 नवंबर से राज्य भर में बीजेपी सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया जायेगा. वहीं, संघ के राज्य सदस्य बजरंग प्रसाद ने कहा कि मांगें नही मानी जाती हैं, तो आगामी चुनाव में सत्ताधारी दल के सांसद और विधायकों का अपने-अपने क्षेत्रों में विरोध किया जायेगा.

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सरकार पारा शिक्षकों को छल रही है : मोर्चा
एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के सदस्य ऋषिकेश पाठक ने कहा कि पदयात्रा के क्रम में राज्य के मुख्य सचिव द्वारा एक कमिटी बनायी गयी, जिसे 60 दिनों तक पारा शिक्षकों के स्थायीकरण को लेकर रिपोर्ट सौंपनी थी. लेकिन, करीब 120 दिन बीतने के बाद भी सरकार एवं मुख्य सचिव द्वारा रिपोर्ट नहीं सौंपी गयी. पारा शिक्षकों को छलने का कार्य सरकार लंबे समय से कर रही है. सरकार और कमिटी के लोग इस पर पुनर्विचार करें, अन्यथा बाध्य होकर राज्य के पारा शिक्षक 15 नवंबर तक मांग पूरी नहीं होने पर शिक्षकों को बाध्य होकर उग्र आंदोलन की घोषणा करनी पड़ेगी.




