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बगैर विज्ञापन निकाले 27 सफाई कर्मियों की नियुक्ति करनेवाले अधिकारी का अब कटेगी पेंशन

Ranchi : राज्य प्रशासनिक सेवा के एक रीटायर्ड अधिकारी रवींद्र नाथ पंडा की पेंशन की राशि में से 10 प्रतिशत तक की कटौती करने का सरकार ने फैसला लिया है. इस पर 17.7.2018 को झारखंड लोक सेवा आयोग की तरफ से पेंशन राशि की कटौती पर सहमति भी दी गयी. जेपीएससी के अनुरोध पत्र के बाद ही सरकार की तरफ से पंडा के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला लिया गया है. इन पर 2009 में दुमका में बंदोबस्त पदाधिकारी रहते हुए 27 सफाई और मुहर्रिर कर्मचारियों की नियुक्ति का आरोप सही पाया गया है. इन्होंने बगैर किसी विज्ञापन के ही इन कर्मियों की नियुक्ति की थी. इसकी शिकायत प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय दुमका में 15.5.2009 को सैमसुन मरांडी ने की थी. इसके आधार पर जांच रिपोर्ट में इसे सही पाया गया.

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मामले पर तीन बार सरकार ने करायी है जांच

सरकार की तरफ से इसकी दो-तीन बार जांच भी करायी गयी. 2009 में दुमका के तत्कालीन बंदोबस्त पदाधिकारी अशोक कुमार मिश्र ने अपनी जांच रिपोर्ट (17.11.2009) को इन बातों की पुष्टि भी की. इसमें कहा गया था कि बगैर स्थानीय निवासियों को प्राथमिकता दिये, सभी कर्मियों की नियुक्ति की गयी. इसमें जिला स्तरीय आरक्षण रोस्टर का पालन बी नहीं किया गया. श्री पंडा ने पिक एंड चूज आधार पर अपने सहयोगी सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी राम नारायण ठाकुर के साथ मिल कर नियुक्ति की सारी औपचारिकताएं पूरी कर लीं. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इसके पहले भी दुमका में सफाई कर्मियों की नियुक्ति 1992, 19997 और 2001 में हुई थी, जिसमें समाहरणालय स्तर पर बजाप्ता विज्ञापन प्रकाशित करवाया गया और लिखित परीक्षा भी ली गयी थी.

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दो आइएएस भी कर चुके हैं जांच

अवैध तरीके से सफाई कर्मियों की नियुक्ति संबंधी जांच, दो आइएएस अधिकारी भी कर चुके हैं. तत्कालीन कल्याण विभाग की प्रधान सचिव मृदुला सिन्हा और आइएएस अधिकारी अशोक कुमार सिन्हा को विभागीय कार्यवाही संचालित करने के लिए नियंत्री पदाधिकारी भी बनाया गया था. इन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट में सभी आरोपों को सही पाते हुए सरकार से कार्रवाई करने का अनुरोध किया था. सरकार की तरफ से झारखंड लोक सेवा आयोग से इस संबंध में पेंशन नियमावली के अंतर्गत पेंशन राशि में कटौती करने पर मंतव्य मांगा गया था.

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