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अमृतसर हादसा : रेलवे का जांच से इनकार, कहा – ट्रेन चालक के खिलाफ नहीं होगी कोई कार्रवाई

वहीं रेलवे ने अपनी ओर से किसी तरह की जांच से इनकार किया.

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Amritsar : पंजाब सरकार ने अमृतसर के पास शुक्रवार को हुए हादसे की शनिवार को एक मजिस्ट्रेटी जांच का आदेश दिया. इस हादसे में दशहरा कार्यक्रम में आये 59 लोग एक ट्रेन से कुचल गए थे. वहीं रेलवे ने अपनी ओर से किसी तरह की जांच से इनकार किया.

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शनिवार को कहा कि ट्रेन हादसे की एक मजिस्ट्रेटी जांच की जाएगी और रिपोर्ट चार सप्ताह में सौंपी जाएगी. मुख्यमंत्री ने इस्राइल की अपनी यात्रा स्थगित कर दी और क्षति का आकलन करने के लिए सुबह अमृतसर पहुंचे.

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घटना की एक मजिस्ट्रेटी जांच का आदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच करके और यह पता लगाकर रिपोर्ट सौंपने के लिए चार सप्ताह का समय दिया गया है कि इसमें किसकी गलती थी. जालंधर के मंडल आयुक्त को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

इस बीच रेलवे ने रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) द्वारा जांच से इनकार किया और कहा कि यह कोई रेल दुर्घटना नहीं बल्कि रेल पटरियों पर अनधिकृत प्रवेश का एक मामला है.

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ट्रेन चालक के खिलाफ नहीं होगी कोई कार्रवाई : रेलवे

रेल संरक्षा आयोग नागर विमानन मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करता है और सभी रेल दुर्घटनाओं की अनिवार्य जांच करता है जिसमें फाटक रहित रेल समपार पर होने वाली दुर्घटनाएं, ट्रेन के पटरी से उतरने और पुल गिरने के बाद होने वाली दुर्घटनाएं शामिल हैं.

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्विनी लोहानी ने कहा कि आयोग रेल दुर्घटनाओं की जांच करता है. यह एक ऐसा हादसा था जिसमें लोगों ने रेल पटरी पर अनधिकृत प्रवेश किया और यह कोई दुर्घटना नहीं थी.

रेलवे ने यह भी कहा कि ट्रेन चालक के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. जिसने ट्रेन की गति 91 किलोमीटर प्रतिघंटे से कम करके 68 किलोमीटर प्रतिघंटे कर दी थी.

रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने शनिवार को कहा कि रेलवे की तरफ से कोई लापरवाही नहीं थी. चालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. सिन्हा ने इसके साथ ही लोगों को भविष्य में रेल पटरियों के पास ऐसा कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं करने की सलाह दी.

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यदि ऐहतियात बरती गई होती तो नहीं होती दुर्घटना : रेल राज्य मंत्री

रेल राज्य मंत्री ने कहा कि मेरा मानना है कि यदि ऐहतियात बरती गई होती तो दुर्घटना टाली जा सकती थी. उन्होंने कहा कि जहां कहीं भी ऐसे कार्यक्रम होते हैं, संबंधित जिला प्रशासन अनुमति देता है.

राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने अमृतसर हादसे के संबंध में शनिवार को अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एक मामला दर्ज किया. स्थानीय लोगों ने दावा किया कि उस स्थान पर रावण के पुतले का दहन कम से कम 20 वर्ष से हो रहा है. कार्यक्रम का आयोजक एवं दशहरा समिति (पूर्व) का अध्यक्ष सौरभ मदान लापता है.

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दिया गया था अनापत्ति प्रमाणपत्र : अमृतसर पुलिस

इस बीच अमृतसर पुलिस ने कहा कि यद्यपि उसने दशहरा कार्यक्रम के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र दिया था लेकिन आयोजकों ने नगर निगम और प्रदूषण विभाग से कोई अनुमति नहीं ली थी.

अनुमति दस्तावेज के अनुसार आयोजकों को तब आगे बढ़ने के लिए कहा गया जब उन्होंने आश्वासन दिया कि वे लाउडस्पीकर इस्तेमाल पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करेंगे.

इसमें कहा गया है कि उन्होंने यह भी आश्वासन दिया था कि यातायात बाधित नहीं होगा और कोई भी कार्यक्रम में हथियार लेकर नहीं आएगा.

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