
Amritsar : अमृतसर के जोड़ा फाटक पर रावण दहन कार्यक्रम के दौरान हुए रेल हादसे के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा शांत नहीं हो रहा है. वरन बढ़ता जा रहा है. एक तरफ हादसे के बाद से ही स्थानीय प्रशासन और रेलवे अपना पल्ला झाड़ने में लगे हुए हैं और मामले को रफा-दफा करने में लगे हुए हैं. दूसरी तरफ स्थानीय लोग धरने पर बैठ गये हैं. बता दें कि लोग उसी जोड़ा फाटक पर धरना कर रहे हैं, जहां ट्रेन ने 61 लोगों को कुचल दिया था. इस हादसे में 72 लोग घायल हुए हैं. धरना दे रहे लोग राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन और नारेबाजी भी कर रहे हैं. प्रदर्शन करने वालों की मांग है सरकार ट्रेन चालक के खिलाफ कार्रवाई करे.
पुलिस का कहना है प्रदर्शनकारी रेलवे ट्रैक पर बैठ गये हैं और वहां से हटना नहीं चाहते. पंजाब पुलिस के सीनियर पुलिस ऑफिसर ने कहा, हमें उम्मीद है कि रविवार रात तक स्थिती सामान्य हो जायेगी क्योंकि शनिवार के मुकाबले रविवार को प्रदर्शनकारियों की संख्या कम हो गयी है. ऑफिसर ने बताया की प्रदर्शनकारियों को काबू करने के लिए मौके पर सुरक्षाकर्मी, कमांडो और रेपिड एक्शन फोर्स तैनात हैं.
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मृतकों में से 40 लोगों की पहचान की जा चुकी है
बता दें कि शुक्रवार को अमृतसर के जोड़ा फाटक प रेल की पटरियो पर खड़े होकर रावण दहन कार्यक्रम देख रहे लोगों के ऊपर से ट्रेन निकल गयी. जिसमें 61 लोगों की मौत हो गयी और 71 लोग घायल हो गये. मृतकों में से 40 लोगों की पहचान की जा चुकी है. खबरों के अनुसार 36 लोगों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है. बताया गश्या कि राज्य सरकार के अधिकारियों और मृतकों के परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में शीतला माता मंदिर के पास एक मैदान में 36 लोगों का अंतिम संस्कार किया गया.
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