
San Francisco : सोमवार 24 सितंबर को इंटरनेट दुनिया की दिग्गज सर्च इंजन कंपनी गूगल ने अपने फीचर में कुछ बदलावों की घोषणा की जिनका लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा तस्वीरों के इस्तेमाल से इस हद तक उन्हें समझना होगा कि आपके सवाल पूछने से पहले ही जवाब बता दे.
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मोबाइल पर केंद्रित होगा गूगल का ध्यान
सैन फ्रांसिस्को में आयोजित एक कार्यक्रम में गूगल के उपाध्यक्ष बेन गोम्स ने बताया कि कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और मशीन लर्निंग गूगल की उस कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं जो उसके 20 साल के मिशन को दुनिया की सूचनाओं को एक जगह एकत्र करने और उसे समाज के हर तबके तक पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ाएगी.
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सर्च इंजन गूगल का ध्यान अब मुख्य रूप से मोबाइल पर केंद्रित होगा और ऐसा प्रतीत होता है कि फेसबुक की तरह ही अब गूगल भी यूजर्स को फोटो और वीडियो के जरिए ही विभिन्न विषयों पर रुचिपूर्ण चीजें देखने और पढ़ने का मौका देगा.
गोम्स ने कहा कि गूगल सर्च पूर्णत: दोषहीन नहीं है. हमें इसको लेकर कोई भ्रम नहीं है. लेकिन आपको हम आश्वस्त करते हैं कि हम इसे रोजाना और बेहतर करेंगे.
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इससे पहले भी गूगल ने किए थे बदलाव
इससे पहले भी गूगल ने भारतीय को रिझाने के लिए कई नए बदलाव किए थे. इसी वर्ष ही गूगल ने अगस्त के महिने में एक प्रोजेक्ट की शुरुआत थी. इस नए प्रोजेक्ट का नाम नवलेखा रखा गया है. इस प्रोजेक्ट के तहत देश के 1,35,000 भारतीय पब्लिशर्स को डिजिटाइज्ड करने की बात कही गई थी. गूगल का लक्षय हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं में सामग्री को फैलाना है. इसलिए इस नए प्रोजेक्ट के माध्यम से वो पब्लिशर को ऐसी सुविधा प्रदान करना है ताकि वो किसी भी भाषा का अपना कंटेंट वेबपेज पर डाल सकें. नए बदलावों में गूगल का वॉयस असिस्टेंट हिंदी और अंग्रेजी के अलावा मराठी भाषा को भी सपोर्ट करेगा. इसके साथ ही कंपनी 7 अन्य भाषाओं को भी जो़ड़ रही थी.

मोबाइल पर केंद्रित होगा गूगल का ध्यान


