
Nobel Prize: साल 2023 के भौतिकी का नोबेल प्राइज़ प्रकाश के ‘सबसे छोटे क्षणों’ को कैप्चर करने के लिए ‘प्रयोग’ करने वाले वैज्ञानिकों को मिला है. पुरस्कार पाने वाले वैज्ञानिक हैं – पियर अगस्तिनी, फ़ेरेंक क्राउज़ और एन ल’हुलिए.
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इन वैज्ञानिकों ने प्रयोगों के ज़रिए दिखाया कि कैसे प्रकाश की बेहद सूक्ष्म तरंगे संरचित की जा सकती हैं. और इनका इस्तेमाल इलेक्ट्रॉन के ऊर्जा परिवर्तन की तीव्र प्रक्रिया को मापने के लिए किया जा सकता है. प्रोफ़ेसर पियर अगस्तिनी अमेरिकी ओहायो यूनिवर्सिटी में पढ़ाते हैं. प्रोफ़ेसर फ़ेरेंक क्राउज़ जर्मनी के मैक्स प्लांक इंस्टीट्यूट में क्वांटम ऑपटिक्स पढ़ाते हैं. प्रोफ़ेसर एन ल’हुलिए स्वीडन की एक यूनिवर्सिटी में पढ़ाती हैं.
मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार
इससे पहले सोमवार को मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार वैज्ञानिकों की उस जोड़ी को देने का एलान किया गया है जिसने एमआरएनए कोविड वैक्सीन की तकनीक इजाद की. ये दो वैज्ञानिक डॉ. कैटालिन कारिको और डॉ. ड्रियू वाइसमैन हैं. इस तकनीक के प्रयोग कोविड महामारी से पहले किए गए थे लेकिन बाद में इसे दुनिया भर के लाखों को दिया गया. कैंसर समेत अन्य रोगों को लेकर इसी एमआरएनए तकनीक पर आगे और शोध किए जा रहे हैं. एमआरएनए यानी मैसेंजर रायबोन्यूक्लिक एसिड शरीर को प्रोटीन बनाने का तरीक़ा बताती है.




