
Bokaro/Ranchi: बोकारो स्टील सिटी इन दिनों झारखंड में चर्चा का विषय बना हुआ है. बोकारो स्टील प्लांट(बीएसएल) द्वारा जीएम रैंक तक के अधिकारियों के लिए 35 होंडा अमेज कार खरीदी गई है. इसकी कुल कीमत लगभग 3.70 करोड़ रूपये है. सबसे कमाल की बात है कि लगातार दो सालों से बीएसएल प्लांट घाटे में चल रहा है.
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यहां के मजदूरों को वेतन एवं अन्य सुविधाओं में यह बोलकर बीएसएल प्रबंधन कौटती कर रही है कि प्लांट की स्थिति ठीक नहीं है. बीएसएल घाटे में चल रहा है. वही दूसरी ओर बीएसएल प्रबंधन अधिकारियों के लिए गिफ्ट में कार वितरण कर रही है, लेकिन मजदूरों का हाल इन दिनों काफी बेहाल है.
बोनस पर संशय
वहीं दुर्गा पूजा के दौरान मिलने वाले बोनस पर बीएसएल की स्थिति स्पष्ट नहीं कि इस साल मजदूरों को बोनस मिलेगा या नहीं. अगर मिलेगा भी तो कितना बोनस उन्हें दिया जायेगा. बीएसएल प्लांट लौह उत्पादन का श्रेय यहां के मजूदरों की कड़ी मेहनत को जाता है. लेकिन बीएसएल प्रबंधन सुविधा के नाम पर केवल सेल के अधिकारियों का ख्याल रखता है. प्लांट में दैनिक और नियमित मजदूरों की स्थिति खराब होती जा रही है. अधिकारियों द्वारा प्लांट के अंदर ठेकेदारी सिस्टम को बढ़ावा दिया जा रहा एवं इसके माध्यम से दैनिक एवं नियमित मजदूरों को शोषण किया जा रहा है.
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खराब सड़क और जर्जर आवास में रहने को मजूबर बीएसएल कर्मी
बीएसएल के टाउनशीप इलाके में सड़क की स्थिति दिनों-दिन खराब होते जा रही है. बीएसएल के मजदूर जिन सेक्टरों में रहते हैं, वहां की स्थिति भी काफी दयनीय है. सेक्टरों में आवासों की हालत इतनी खराब है कि ये आवास कभी भी ढह सकते हैं. टाउनशीप इलाके में बिजली एवं पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को घोर अभाव है.
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मजदूरों को हर सुविधा दी जायेगी- बीएसएल
बीएसएल के पीआरओ मतिकांत धान ने कहा कि बीएसएल द्वारा जीएम रैंक तक के अधिकारियों को कार प्रदान की गयी है. अधिकारियों के पुराने वाहनों के रख-रखाव में ज्यादा खर्च आ रहा था. इसलिए अधिकारियों को नयी गाड़ियां दी गयी हैं. मजदूरों की जहां तक सुविधा का सवाल है, उनके लिए बीएसएल हर संभव प्रयास कर रही है.
जल्द ही टाउनशीप इलाके में सड़क निमार्ण का कार्य आरंभ किया जायेगा. बारिश के बाद विभिन्न सेक्टरों में कुल 70 किलोमीटर की सड़क बीएसएल की माध्यम से बनायी जायेगी. मजदूरों को बोनस और वेतनमान कोलकाता से तय होता है, बीएसएल अपने स्तर से इस दिशा मे कोई पहल नहीं कर सकता.




