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आर्थिक बदहाली से जूझ रही महिलाएं, नहीं थम रहा आंखों का पानी

Ranchi: आर्थिक तंगी झेल रही प्रदेश की महिलाओं के आंखों का पानी नहीं थम रहा है. दरअसल, केंद्र सरकार ने गरीब परिवारों के लिए उज्जवला योजना की शुरुआत की थी. उज्जवला योजना के तहत गरीब महिलाओं को खाना बनाने के लिए रसोई गैस की सुविधा दी गई, ताकि उन्हें लकड़ी के चुल्हे पर खाना नहीं बनाना पड़े और वो इससे निकलने वाले धुएं से बच सके.

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खाना बनाते वक्त उनकी आंखों से पानी नहीं आये. वहीं एक कदम आगे बढ़ते हुये झारखंड सरकार ने महिलाओं गैस सिलेंडर के साथ एक गैस चुल्हा भी मुफ्त देना शुरू किया. अब हाल यह है आर्थिक तंगी की वजह से अधिकांश ग्रामीण महिलायें सिलेंडर नहीं ले पा रही हैं.

क्या है वजह

राज्य सरकार लाभुकों गैस सिलेंडर के साथ चुल्हा तो दे रही है. साथ में गैस सिलेंडर लेनेवाले को फर्स्ट टाइम गैस रिफिलिंग की मुफ्त सुविधा दे रही है. इसके बाद लाभुक दूसरी बार सिलेंडर में गैस रिफलिंग नहीं कराना चाह रहे हैं. इसकी वजह है आर्थिक तंगी. 14 किलोग्राम सिलेंडर की कीमत 846 रुपये है. जबकि पांच किलोग्राम सिलेंडर की कीमत 200 रुपये है. सिलेंडर उपलब्ध होने के बावजूद पैसे की कमी के कारण लाभुक रिफिल सिलेंडर नहीं ले रहे हैं.

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हर गैस एजेंसी में 20 से 22 हजार सिलेंडर हैं उपलब्ध

लाभुकों के लिए राज्य के हर गैस एजेंसी के पास 20 से 22 हजार रिफिल गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं. लेकिन लाभुक आ नहीं रहे. इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के अनुसार, सामान्य लोग साल में छह से सात सिलेंडर का उपयोग करते हैं. जबकि उज्जवला योजना के तहत इसके उपयोग करने में काफी कमी है. अबतक के आंकड़ों के अनुसार, उज्जवला योजना के लाभुक साल में सिर्फ तीन सिलेंडर ही ले रहे हैं. जबकि एक रिफिल युक्त सिलेंडर मुफ्त दिया जा रहा है.

आइएलओ को 3300 रुपये देती है सरकार

फाइल फोटो

गैस सिलेंडर व चुल्हा के लिये राज्य सरकार आइएलओ को 3300 रुपये देती है. आइएलओं का कहना है कि अगर लाभुकों के पास पैसा नहीं है तो पांच किलोग्राम का भी सिलेंडर उपलब्ध कराया गया है. लेकिन इसे भी लाभुक नहीं ले रहे हैं. गैस सिलेंडर में 346 रुपये की सब्सिडी भी दी जा रही है. आज की तारीख में पूरे राज्य में गैस चुल्हा के साथ 20.34 लाख लाभुकों को गैस का कनेक्शन दिया गया है. जबकि मार्च 2019 तक और 10 लाख लाभुकों को गैस का कनेक्शन दिया जाना है.

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क्या कहते हैं आइएलओ के मुख्य वरीय प्रबंधक

आइएलओ के मुख्य वरीय प्रबंधक हरीश दीपक ने न्यूज विंग को बताया कि उज्जवला के लाभुकों द्वारा सिलेंडर कम लिया जा रहा है. जबकि लाभुकों की सुविधा के लिए पांच किलोग्राम का सिलेंडर उपलब्ध कराया गया है. इसकी कीमत 200 रुपये है. इसके लिए लोगों में जागरुकता की जरूरत है. हर गैस एजेंसी को पर्याप्त सिलेंडर उपलब्ध कराये गये हैं. मार्च 2019 तक और 10 लाख लाभुकों को गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है.

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