JharkhandLead NewsNEWSRanchi

मिशन 2024 : भाजपा का अगला टारगेट संथाल, अगले महीने हो सकता है अमित शाह दौरा

Political Editor

Ranchi: मिशन 2024 के तहत भाजपा ने पहला लक्ष्य राज्य की सत्ताधारी गठबंधन के किले में सेंध लगाना तय किया है. इसको लेकर प्रयास तेज है. कोल्हान से इसका शंखनाद इसी महीने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया है. अब अलग टारगेट संथाल है. जानकारी के अनुसार अगले महीने केंद्रीय गृह मंत्री संथाल के दौरे पर आ सकते हैं और वह वहां भी मिशन 2024 का शंखनाद करेंगे. अमित शाह के कार्यक्रम से पहले यहां केंद्रीय मंत्रियों के प्रवास होंगे. वे निचले स्तर तक कार्यकर्ताओं से मंत्रणा कर रणनीति तैयार करेंगे. पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को संथाल में भी जबरदस्त झटका लगा था. संथाल में लोकसभा की तीन और विधानसभा की 18 सीटें हैं. लोकसभा में तो भाजपा ने तीन में से 2 सीटें जीती थी. एक सीट पर उसकी हार हुई थी. भाजपा ने दुमका में तो झामुमो के सुप्रीमो शिबू सोरेन को हराया था. लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा को उम्मीद थी कि विधानसभा चुनाव में भी संथाल की जनता उनका साथ देगी लेकिन हुआ इसका बिलकुल उल्टा. 18 विधानसभा सीटों में से भाजपा को महज चार सीटें मिली.

 

लगातार क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं बाबूलाल मरांडी

संथाल की 18 विधानसभा सीटों को लेकर भाजपा ने अभी से रणनीति बनानी शुरू कर दी है. भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी इसको लेकर लगातार संथाल प्रवास कर रहे हैं, कार्यकर्ताओं के साथ संवाद कर रहे हैं. पार्टी ने इस बार प्रदेश कार्यसमिति की बैठक भी देवघर में राखी है. यह भी संथाल फतह को लेकर भाजपा की एक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है. संताल परगना की 18 सीटों में से अधिकांश पर झामुमो-कांग्रेस गठबंधन ने बाजी मारने में सफलता पाई. सिर्फ चार सीटों पर भाजपा के प्रत्याशी जीतने में कामयाब हुए. यही नहीं, दुमका और मधुपुर विधानसभा उपचुनाव में भी झामुमो-कांग्रेस गठबंधन ने अपनी सीट बरकरार रखी. भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को इसका आभास है कि संताल परगना में बेहतर उपस्थिति के बिना सत्ता के करीब पहुंचना कठिन है. यही वजह है कि कोल्हान के बाद पार्टी ने संताल परगना पर फोकस करने की रणनीति बनाई है.

 

पिछले चुनाव में एक भी एसटी सीट पर नहीं खिला कमल

संथाल परगना के 18 विधानसभा सीटों में से सात सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है. भाजपा का पिछले चुनाव में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित विधानसभा सीट पर खाता भी नहीं खुला था.झामुमो-कांग्रेस गठबंधन को बोरियो, बरहेट, लिट्टीपाड़ा, पाकुड़, महेशपुर, शिकारीपाड़ा, दुमका, जामा, जरमुंडी, नाला, जामताड़ा, मधुपुर, पोड़ैयाहाट, महगामा विधानसभा सीट पर जीत मिली थी तो भाजपा के हिस्से में राजमहल, सारठ, देवघर और गोड्डा सीट ही आई थी.

Related Articles

Back to top button