
Deoghar: रविवार को मकर संक्रांति के मौके पर विश्व दायित्वान नागरिक संगठन (डब्ल्यूआरसीओ) के बैनर तले जिले के सारवां प्रखंड के सारवां व भंडारों पंचायत के दासडीह गांव के पुरोहित व महादलित टोला के लगभग एक सौ जरूरमंद लोगों के बीच कंबल का वितरण किया गया. साथ ही कार्यक्रम में पहुंचे बच्चों को विटामिन ए की खुराक व लोगों के आंखों की निःशुल्क जांच प्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ एनडी मिश्रा द्वारा किया गया. मौके पर डॉ एनडी मिश्रा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मैं आंख का डॉक्टर हूं और जहां जाता हूं जरूरत के अनुसार लोगों की आंखों की जांच व बच्चों के लिए विटामिन ए की खुराक लेकर जाता हूं ताकि लोगों का आंख सुरक्षित रहे. उन्होंने अपनी जिंदगी का एक कटु अनुभव बताते हुए कहा कि आज से 6 साल पहले बांका जिले के कटोरिया थाना क्षेत्र के दुखनसार गांव में का एक बच्चा मेरे पास आया और मात्र 10 से 20 रूपये की दवा के अभाव में जिंदगी भर के लिए उसकी आंख की रौशनी चली गई. जिसने मुझे झझकोर कर रख दिया. मैं उस गांव को गोद लिया हूं और गांव समय-समय पर जाता रहता हूं. वहां स्कूल व शिक्षक कपड़ा व बच्चों के इलाज की व्यवस्था की गई है. कोरोना काल के दौरान लगभग ढाई सौ लोगों का लंगर वहां चलाया गया. इसलिए मैं जहां भी जाता हूं साथ में 8 साल तक के छोटे बच्चे के लिए विटामिन ए का टेबलेट का एक डोज बच्चों को देता हूं. जिससे उन्हें आंख में कोई दिक्कत नहीं होगी. उन्होंने कहा कि शिक्षक कभी पूर्व नहीं होते शिक्षकों को पूर्व कहना बेमानी होगी. शिक्षक समाज व राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. हमारी संस्कृति धर्म पुण्य व पाप की परिभाषा एक लाइन में समझा दिया है कि सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे संतु निरामया. अर्थात सभी के सुख व स्वास्थ्य की कामना हमारी संस्था का मूल उद्देश्य है. धर्म संस्कृति का मूल मंत्र भी यही है. इसलिए समाज के सामर्थ्यवान व्यक्ति से जितना भी बन पड़े उन्हें समाज व राष्ट्र निर्माण के लिए कुछ ना कुछ करना चाहिए. इसके लिए करने के लोगों में करने की इच्छा शक्ति जागृत होनी चाहिए. इसके बाद सब कुछ खुद ब खुद होते चला जाता है. उन्होंने एक उदाहरण पेश करते हुए कहा कि यदि कोई संत यज्ञ करने के लिए एक स्थान यज्ञ करने के लिए त्रिशूल गाड़ देता है और उनके पास शाम के भोजन का भी ठिकाना नहीं रहता है. इसके बाद भी लाखों रुपया खर्च कर वह संत यज्ञ करके दूसरे यज्ञ की ओर चला जाता है. उन्होंने कहा कि समाज को यह लगना चाहिए कि यह कार्य इच्छुक व्यक्ति के करने से समाज कल्याण वह हित होगा. समाज के लिए करने वाले बहुत लोग हैं लेकिन उचित पात्र नहीं मिल पाता है. मैं अपने सामर्थ्य के अनुसार जितना खर्च कर सकता हूं उसके अनुसार अपने संस्था के बैनर तले समाज सेवा का कार्य करता हूं. हमारी संस्था का मूल उद्देश्य समाज को जागृत करना व राष्ट्र को परम वैभव तक ले जाकर राष्ट्र सुरक्षित को सुरक्षित रखना है. आज समाज को संगठित होने की जरूरत है. राष्ट्र निर्माण के लिए महत्वपूर्ण संगठित व स्वस्थ समाज का होना जरूरी है. तभी हम स्वस्थ समाज व राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं. समाज अपने अधिकार के प्रति सजग है. उसे कर्तव्य के लिए भी उन्हें सजग होना होगा. हम दायित्व को तीन भाग में बांट सकते हैं. परिवारिक, सामाजिक व राष्ट्र सेवा का दायित्व. कुछ देने से समाज का कल्याण नहीं होता है बल्कि लोगों में सामाजिक चेतना व इच्छाशक्ति का होना जरूरी है. समाज को पर्यावरण के प्रति भी सजग रहने की जरूरत है. आज कुआं व चापाकल का पानी पीना अधिकतर लोग पसंद नहीं करते हैं. उन्हें बोतल व डब्बा बंद आरओ पानी पीना पसंद हो रहा है. पर्यावरण के प्रदूषित व हवा के दूषित होने से हमें पानी व हवा का भी दिक्कत होगा. जिससे हमारी आने वाली पीढ़ी हमें कभी नहीं माफ करेगी. उन्होंने कहा कि आज जनसंख्या वृद्धि व गैर अनुपातिक जनसंख्या वृद्धि में आसमान जमीन का अंतर है. इससे वह सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने का काम करेगा. आज गैर अनुपातिक जनसंख्या को रोकने की जरूरत है. समाज निर्माण में योगदान देना अच्छी बात है. हम जहां एक जगह बैठते हैं वहां समाज निर्माण में योगदान देने व तर्कपूर्ण बात कर समाज को जागरूक करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. इसके अलावा उन्होंने लोगों को आंखों के सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि आंखों की सफाई पर ध्यान दें. किसी प्रकार की असुविधा हो तो जहां-तहां से ड्रॉप लेकर नहीं डालें. इससे आंखों को हानि पहुंचती है. कुछ पड़ जाने पर आंख को मले नहीं आंसू बहने दे आंख में पड़ा गंदगी खुद ब खुद निकल जाएगा. डायबिटीज वाले लोग समय-समय पर डॉक्टर से मुलाकात कर सलाह लेते रहे. रेटिना में डायबिटीज का प्रभाव हो गया तो लगातार डॉक्टर के संपर्क रहकर सलाह लेते रहे. हमारी संस्था का मूल उद्देश्य जरा सोचे क्या औचित्य है जिंदगी का है. उन्होंने उपस्थित लोगों से समाज व राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की. मौके पर सेवानिवृत्त शिक्षक हृदय नारायण झा, भाजपा प्रखंड सुधीर सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित किया. मौके पर ग्राम प्रधान विष्णुकांत झा, सेवानिवृत्त शिक्षक महाराज झा, भाजपा प्रखंड उपाध्यक्ष दिलीप पांडेय, अनिल कुमार, रजनीकांत रंजन, पत्रकार सह वार्ड सदस्य सुनील कुमार झा, पत्रकार रमेश झा आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे. कार्यक्रम को सफल बनाने में विकास झा, गौरव झा, आलोक झा, रूपम झा, दीपक झा, प्रदीप झा, आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की.
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