
Ranchi: मुंबई में हुए एक कार्यक्रम के दौरान राइज अप के ऋषभ आनंद को सड़क सुरक्षा पर उनके द्वारा किये जा रहे प्रयासों के लिए मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने सराहना की. ऋषभ पिछले सात सालों से सड़क सुरक्षा पर राइज अप संस्था के तहत झारखण्ड में काम करते आ रहे हैं. उनके मॉडल प्ले स्कूल कार्टून की सराहना केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी पहले भी कर चुके हैं. ‘सड़क सुरक्षा अभियान’ के तहत हुए एक टॉक शो में अमिताभ बच्चन के अलावा, नितिन गडकरी, ईशा फाउंडेशन के सद्गुरु, फिल्म लेखक प्रसून जोशी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे. ऋषभ ने कुछ सालों पहले मॉडल प्ले स्कूल कार्टून की शुरूआत की थी जो रोड सेफ्टी थीम पर है. कार्टून प्ले स्कूल में छोटे बच्चों को काफी कम उम्र से ही सड़क सुरक्षा के बारे में बताया जाता है. टॉक शो के दौरान गडकरी, सद्गुरु और अमिताभ बच्चन ने कम उम्र से ही सड़क सुरक्षा की नींव पड़नी चाहिए, इस विषय पर बल दिया. इसके बाद उन्होंने ऋषभ से उनके स्कूल के बारे में जाना और उनके द्वारा किये जा रहे प्रयासों को सराहा. ऋषभ सड़क सुरक्षा पर एजुकेशन, ट्रेनिंग देते हैं. उनकी संस्था राइज अप अब तक सैकड़ों स्कूल, कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम कर चुकी है. इसके अलावा पोस्ट क्रैश केयर में ट्रामा काउंसलिंग की सुवडीहा भी निःशुल्क उपलब्ध कराती है. “सड़क सुरक्षा अभियान” सड़क, परिवहन मंत्रालय द्वारा चलाये जा रहे इस कार्यक्रम का प्रसारण मुंबई स्थित फिल्म स्टूडियो से किया गया. जहां ऋषभ अपने स्कूल के कुछ बच्चों के साथ बुलाये गए थे. गौरतलब है कि कुछ महीने पहले ही गडकरी ने अमिताभ का सहयोग सड़क सुरक्षा पर माँगा था और अब अमिताभ एवं सद्गुरु के इस मुहीम में जुड़ने से सड़क सुरक्षा को बड़ा बल मिल सकता है. भारत में सड़क दुर्घटनाएं चिंता का कारण हैं. NCRB के आंकड़ों से पता चलता है कि 2021 में 4,03,116 दुर्घटनाएं हुईं जिसमें 1,55,662 मौते और 3,71,884 लोग घायल हुए. कुल हादसों में ओवरस्पीडिंग 58.7% है, जबकि लापरवाह ड्राइविंग या ओवरटेकिंग में 25.7% शामिल हैं. भारत में आये दिन होने वाले सड़क हादसों में सबसे ज्यादा युवाओं की जान जाती है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक दुनिया भर में सड़क हादसों में मारे गए 10 लोगों में से कम से कम एक भारत से होता है. मंत्रालय ने शिक्षा, इंजीनियरिंग, प्रवर्तन और आपातकालीन रखरखाव के आधार पर सड़क सुरक्षा के मुद्दों को संबोधित करने के लिए एक बहु-आयामी रणनीति तैयार की है. इसके तहत लोगों में जागरूकता पैदा करने को प्राथमिकता दी जाएगी.
इसे भी पढ़ें: रांची में बेलगाम हो गए हैं वर्दीवाले, डंडे से हांक रहे कानून




