
Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी की बैठक गुरुवार को रांची स्थित ललगुटवा में हुई. छह साल बाद पार्टी की नवगठित कमेटी की पहली बैठक थी. बैठक में पार्टी के नवनिर्वाचित पदाधिकारी शामिल हुए. पार्टी के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राज्य के अहम मुद्दे जैसे नियोजन नीति, 1932 खतियान मामले पर बातें हुईं. सरकार को इन मुद्दों पर क्या रणनीति होगी और उसमें पार्टी का क्या रोल हो इस पर गंभीरता से चर्चा की गयी. बैठक में कुल नौ राजनीतिक प्रस्ताव पारित की गयी. प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा कि इस बैठक के साथ ही हमलोगों ने विधानसभा और लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है. केंद्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में आगे की रणनीति तैयार की जायेगी. प्रदेश नेतृत्व के सहयोग से पार्टी विधानसभा और लोकसभा में मजबूती के साथ अपने जनाधार को मजबूत करेगी.
बैठक में राजनीतिक और सांगठनिक चर्चा हुई. सामूहिक तौर पर एक मार्कलाइन तैयार किया है. सरकार में हम शामिल हैं और सरकार के तीन वर्ष पूरे होने पर हमारा दायित्व बन जाता है कि पार्टी की कार्यप्रणाली से सबों को अवगत करायें. बैठक में यह तय किया गया कि राज्य में फुल प्रूफ नियोजन नीति बनाकर नियुक्ति की प्रक्रिया को तेज किया जाय. पंचायत सचिव एवं पंचायत सचिव की नियुक्तियों को पूरा किया जाय. बैठक में धर्मकोड का भी मामला सामने आया. कहा गया कि धर्मकोड को लागू करने के लिए झारखंड विधानसभा से एक प्रस्ताव पारित करके केन्द्र को अनुशंसा भेजा गया था. परन्तु अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया. यह तय किया गया कि प्रदेश कांग्रेस कमिटी का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मिलकर इस आशय का ज्ञापन सौंपेगा. साथ ही यह भी तय हुई कि कांग्रेस, आदिवासियों के धार्मिक स्थल तथा गैरमजरूआ खासमहल जमीन संबंधित विसंगतियों का अध्ययन विशेष कमिटी से कराकर रैयतों को समाधान देने का आग्रह मुख्यमंत्री से करेगी.
इसके अलावा जो प्रस्ताव पारित किये गयेः
-मॉब लिचिंग के अधिनियम में राजभवन द्वारा उल्लेखित त्रृटियों को दूर आगामी सत्र में पुनः उपस्थापित कर एवं पारित कराकर राज्यपाल को अनुमोदन के लिए भेजा जाए.
-वन अधिकार अधिनियम 2006 के प्रावधानों के क्रियान्यवन में तेजी लायी जाए और केन्द्र सरकार द्वारा इस अधिनियम में किये गये संशोधन का विरोध भी किया गया.
-आदिवासी हितैषी पेसा कानून (पंचायत के प्रावधान का विस्तार अनुसूचित क्षेत्र में ) 1996 को समुचित क्रियान्वयन हेतु पेसा नियमावली बनाने का कार्य शीघ्र से शीघ्र पूरा कराया जाए.
-प्रधानमंत्री आवास योजना -ग्रामीण अंतर्गत आवास प्लस योजना में निबंधित परिवारों के लिए 6,32391 आवासों के भौतिक लक्ष्य उपलब्ध कराने के संबंध में मुख्यमंत्री झारखंड के पत्रांक-390016, दिनांक 1.11.2022 के द्वारा भारत सरकार से अनुरोध किया गया था. इस संबंध में ग्रामीण विकास मंत्री के स्तर पर पुनः स्मारित कराने का पत्र भारत सरकार को भेजा जाए.
-जनहित के मुद्दों पर संघर्षपूर्ण आंदोलन के कारण ममता देवी आज जेल में हैं और उन्हें विधानसभा की सदस्यता तक गंवानी पड़ी.
कई पदाधिकारियों को मिली जिम्मेवारी
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में महासचिव को जिलावार प्रभारी एवं सचिव को विधानसभावार प्रभारी के रूप में कार्य विभाजन किया गया है. जिसकी सूची भी तैयार कर ली गयी है.




