JharkhandRanchiTop Story

रिम्स में हड़ताल के दौरान हुई थी 28 मौतें, राज्य सरकार सहित पांच अन्य के खिलाफ जनहित याचिका दायर

Ranchi: झारखंड का लाइफलाइन कहा जाने वाला रिम्स अस्पताल में 2-3 जून को नर्स और जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से मरीजों को भारी जहमत झेलना पड़ा. दो दिनों के इस हड़ताल के कारण हजारों मरीजों ने दूसरे अस्पतालों का रूख किया. जिस वजह से 28 मरीजों को जान भी गंवानी पड़ी. इस घटना के बाद राज्य की स्वास्थय व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हुए. लिहाजा लोगों ने हड़ताली नर्स और चिकित्सक पर कठोर कार्रवाई की मांग की. इसी कड़ी में झारखंड छात्र संघ के अध्यक्ष एस अली ने 25 जून को हाइकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर हड़ताल पर जाने वाले लोगों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है.

इसे भी पढ़ें – सदियों पुरानी परंपरा पत्थलगड़ी पर तनाव और टकराव क्यों?

कमिटी का गठन कर जांच करें सरकार

अधिवक्ता मो. मोख्तार खान ने कहा कि 28 मरीजों के मौत के बाद भी सरकार के द्वारा किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गयी. उन्होंने कहा कि सरकार कमिटी का गठन करें और दोषियों को चिन्हित कर मरीजों के मौत के जिम्मेवार लोगों पर कार्रवाई करे. आए दिन ऐसी घटनाएं रिम्स में देखने को मिलती हैं. ऐसी परिस्थिति की पुनरावृत्ति भविष्य में न हो इसे लेकर कानून बनाने की आवश्यकता है. इस मामले को लेकर हाइकोर्ट में झारखंड छात्र संघ के द्वारा जनहित याचिका दायर किया गया है. उन्होंने कहा कि कोर्ट रिम्स अधीक्षक को निर्देश देकर नियम बनाएं कि हड़ताल के समय मरीजों का इलाज कैसे किया जाएगा.

इसे भी पढ़ें – कांग्रेस का प्रवक्ता बनने के लिए होनी थी लिखित परीक्षा, लेकिन पहले ही हो गया ‘पेपर लीक’

याचिकाकर्ता ने राज्य सराकार, स्वास्थय सचिव( स्वास्थय,चिकित्सा, शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग), चिकित्सा अधिक्षक रिम्स, डीजीपी, जूनियर नर्सेंज एसोसिएशन की अध्यक्ष रामरेखा राय और जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ अजीत से जवाब मांगा है.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button