
Lohardaga: भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक को लेकर अब राजनीतिक के साथ-साथ गैर राजनीतिक विरोध भी शुरू हो चुका है. आदिवासियों ने हुंकार भरते हुए कहा कि वह जान देंगे, पर जमीन नहीं देंगे. जिला राजी पड़हा व्यवस्था परिषद की अगुवाई में आदिवासी समाज के लोगों ने समाहरणालय के समक्ष धरना प्रदर्शन करते हुए केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. आदिवासी नेताओं ने कहा कि हम किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं देंगे.
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‘लोगों को लूटना चाहती है सरकार’
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि सरकार आम लोगों को लूटना चाहती है. यदि आदिवासियों और मूलवासियों की जमीन ही चली गई तो उन्हें दो वक्त की रोटी के लिए पलायन करना पड़ेगा. जनता ने भाजपा को 5 साल के लिए इस उम्मीद के साथ मौका दिया था कि वह राज्य और देश का विकास करेगी, परंतु भाजपा ने जनता के साथ धोखा करने का काम किया है. आदिवासियों और मूलवासियों की जमीन छीनने की साजिश की जा रही है. जरूरत पड़ी तो हम सड़क पर उतरकर भी इसका जोरदार विरोध करेंगे. आगामी 5 जुलाई को राज्यव्यापी बंद को सफल बनाने को लेकर हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग सड़कों पर उतरेंगे. धरना प्रदर्शन के दौरान आदिवासी समाज के लोगों ने राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला.
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