
Chaibasa : पश्चिम सिंहभूम जिला मुख्यालय मंगलवार को रणक्षेत्र बना रहा. उपायुक्त कार्यालय परिसर में ठेकेदारों के बीच टेंडर डालने को लेकर झड़प और मारपीट हुई. यह घटना के सम्बन्ध में कुछ ठेकेदारों ने ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल के अभियंता को पत्र लिखकर टेंडर रद्द करने की मांग की है. ठेकेदारों का कहना है की कुछ ठेकेदारों ने बहुबल का प्रयोग करते हुए उन्हें टेंडर डालने से रोक दिया जसके कारण वे लोग टेंडर नहीं भर पाए इसलिए टेंडर को रद्द कर दिया जाना चाहिए. बताया जा रहा है की विशेष प्रमंडल द्वारा जारी विज्ञापन के अलोक में ठेकेदार आज तय तिथि में टेंडर डालने पहुंचे थे. इतने में ही हंगामा, झड़प और मारपीट ठेकेदारों के बीच हो गयी. इस दौरान कुछ ठेकेदार एसपी के पास शिकायत करने पहुंचे लेकिन एसपी नहीं रहने के कारण उन्होंने विशेष प्रमंडल के अभियंता से इसकी लिखित शिकयत कर टेंडर रद्द करने की मांग की है. जानकारी के मुताबिक पश्चिम सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर, बंदगाँव, मनोहरपुर, जगन्नाथपुर, चाईबासा आदि प्रखंडों में 25 स्कूलों के मरम्मती को लेकर यह टेंडर निकला है. कम से कम 7 लाख से लेकर 24 लाख तक प्रत्येक स्कूल के मरम्मत में खर्च होंगे. इसी टेंडर को भरने के लिए ठेकेदार आपस में भीड़ गए. टेंडर प्रक्रिया को जिस तरह से असुरक्षा और अव्यवस्था के माहौल में क्रियान्वित किया जा रहा है उससे भी प्रशासन पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं. क्योंकि झड़प, मारपीट और हंगामे के दौरान कोई भी पुलिस कर्मी ठेकेदारों को रोकने नहीं गया और न ही इस मामले को शांत करने और व्यवस्थित करने की कोशिश की गयी. जिससे जिला प्रशासन के टेंडर प्रक्रिया पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं.




