JharkhandLead NewsNEWSRanchi

जिनके हाथ में आपकी सुरक्षा का जिम्मा, वो निशाना लगाने और दौड़ने में हो जाते हैं फेल

Ranchi : अत्याधुनिक असलहों से लैस नक्सली, उग्रवादी और अपराधी से मुकाबले का दंभ भरने वाले जवान भला उनके सामने क्या टिकेंगे. उन्हें तो उनके पास मौजूद असलहों के बारे में भी ठीक से उन्हें जानकारी तक नहीं. जब भी कभी इनके परीक्षा का मौका आया फेल हो गये. ऐसा ही वाकया प्रशिक्षण के बाद जारी प्रकाशित परीक्षाफल में देखने को मिला था.

गौरतलब हो कि आईआरबी-8 के जवानों को जैप-4 में प्रशिक्षण दी गई थी. इस प्रशिक्षण में आईआरबी- 8 के 577 आरक्षी शामिल थे. लिखित और बाह्य विषयों के परीक्षा का परिणाम जारी किया गया जिसमें 577 में 143 जवान ही उतीर्ण हो सके. जबकि 416 जवान परीक्षा में उनुतीर्ण हुए. इसमें सबसे अधिक फायरिंग और 5 किलोमीटर दौड़ में फेल कर गये. 108 जवान फायरिंग में जबकि 90 जवान पांच किलोमीटर दौड़ पास नही कर सके. ऐसे में नक्सलियों के खिलाफ अभियान में कैसे सफलता मिलेगी. मुठभेड़ के समय या अन्य चुनौतीपूर्ण स्थिति में जवान सटीक निशाना लगा सकें, इसके लिए समय समय पर प्रशिक्षण दिया जाता है. फायरिंग में बड़े तादात में जवान फेल हो गए.

क्या है आईआरबी

आईआरबी की मंजूरी केंद्र सरकार द्वारा दी जाती है. इसका खर्च भी केंद्र सरकार ही वहन करती है. बटालियन के गठन के लिए यह शर्त भी रहती है कि केंद्र सरकार जहां चाहे इस बटालियन का उपयोग कर सकती है. वैसे इस बल का गठन राज्यों में सीआरपीएफ या अन्य केंद्रीय बल पर से निर्भरता खत्म करने के लिए किया जा रहा है.

इसे भी पढ़ें: Jharkhand : तेजी से हो रहा संचरण लाइनों का निमार्ण, बिजली के लिये डीवीसी निर्भरता होगी खत्म

Related Articles

Back to top button