
Ranchi: लॉन बॉल में आज भारतीय टीम को सुनहरी कामयाबी मिली. विमेंस-4 में भारतीय महिला टीम ने फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हरा कर स्वर्ण पदक जीता. इसके साथ ही पहली दफा इस खेल में कोई पदक भी कॉमनवेल्थ में देश को मिला. अफ्रीकन टीम के सामने भारतीय टीम के पुराने रिकॉर्ड के आधार पर इसे तय माना जा रहा था. इस तरह से फाइनल में सुनहरी कामयाबी के साथ लॉन बॉल के खेल में कॉमनवेल्थ गेम में भारतीय बेटियों ने इतिहास रच दिया. आज खेले गये मैच में भारतीय महिला टीम में लवली चौबे (लीड), पिंकी (सेकेंड), नयनमणि सैंकिया (थर्ड) और रूपा रानी तिर्की (स्किप) ने अपने हुनर का शानदार प्रदर्शन किया. इन खिलाड़ियों में से लवली और रूपा रानी झारखंड से हैं. इससे पूर्व 1 अगस्त को सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को 16-13 से हराकर फाइनल का सफर तय किया था. इन खिलाड़ियों की उपलब्धि पर झारखंड ओलंपिक संघ के डॉ मधुकांत पाठक, सीडी सिंह, हॉकी झारखंड के भोलानाथ सिंह समेत कई अन्य खेल संघों के पदाधिकारियों तथा खेल प्रेमियों ने खुशी जतायी है.
HISTORY CREATED
1st Ever in Lawn Bowls at #CommonwealthGames
Women’s Fours team win it’s 1st CWG medal, the prestigious in #LawnBowls by defeating South Africa, 17-10
Congratulations ladies for taking the sport to a new level
Let’s #Cheer4India#India4CWG2022 pic.twitter.com/uRa9MVxfRs
— SAI Media (@Media_SAI) August 2, 2022
शुरूआत से ही बनाये रखी बढ़त
भारतीय महिला टीम ने शुरूआती दौर से ही मैच में बढ़त बनाये रखी थी. सातवें राउंड (Ends) में भारतीय टीम अफ्रीका से 8-2 से आगे थी. हालांकि 12वें (10-10) के दौरान मुकाबला बराबरी पर था. पर फिर 13वें राउंड से12-10 का अंतर हो गया.14वें में यह 15-10 हो गया. अंततः मुकाबला 17-10 पर छुटा.
पहली बार कॉमनवेल्थ में कामयाबी
रुपा रानी और लवली चौबे लॉन बॉल की चर्चित खिलाड़ी रही हैं. दोनों को पहली दफा कॉमनवेल्थ गेम में पदक हासिल किया है. रूपा ने चार बार तो लवली ने तीन बार लॉन बॉल में भारतीय टीम में भागीदारी की थी. फिलहाल रूपा रानी जिला खेल पदाधिकारी के तौर पर झारखंड सरकार में सेवा देती हैं. अब तक नेशनल लेवल पर 12 गोल्ड, दो सिल्वर और चार ब्रांज मेडल वे हासिल कर चुकी हैं. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक-एक गोल्ड औऱ सिल्वर समेत कुल 9 पदक जीत चुकी हैं. इस बार बर्मिंघम कॉमनवेल्थ में खेल रही रूपा 2007 से इस स्तर के टूर्नामेंट में भागीदारी करती दिखी हैं. यानि चौथी बार वे कॉमनवेल्थ गेम में शरीक हुई हैं. 2010 (दिल्ली), 2014 (ग्लासगो), 2018 (गोल्ड कोस्ट) में भी वे खेली हैं. 2023 में होने वाली लॉन बॉल चैंपियनशिप के लिये भी रूपा क्वालिफाई कर चुकी हैं.
खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति प्रक्रिया के तहत नौकरी पाने वाली लवली चौबे अभी झारखंड सरकार में पुलिस विभाग से जुड़ी हुई हैं. 2008 से पूर्व वे एथलेटिक्स में आगे बढ़ने की सोच रही थी. पर फिर लॉन बॉल खेलने में दिलचस्पी बनती गयी. राष्ट्रीय खेलों में लॉन बॉल स्पर्धा में सिल्वर उन्हें मिल चुका है. इसके अलावा एशियन गेम्स (2017) में सिल्वर, एशिया पैसिफिक (2012) में ब्रांज, एशियन लॉन बॉल (2012) में ब्रांज समेत अन्य टूर्नामेंट में मेडल हासिल कर चुकी हैं. वह तीसरी बार कॉमनवेल्थ में खेलने उतरी थी. इससे पहले ग्लासगो और गोल्ड कोस्ट में भी देश की तरफ से खेल चुकी हैं.
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