
Ranchi: एसआई संध्या टोपनो की हत्या से चर्चा में आए पशु तस्कर झारखंड में संगठित होकर तस्करी को अंजाम दे रहे हैं. तस्करों के गिरोह ने अपना बड़ा सिंडिकेट तैयार कर लिया है. इस सिंडिकेट के लोगों की पुलिस प्रशासन में डटे लोगों से भी मिलीभगत है. बिहार, बंगाल, यूपी समेत अन्य राज्यों में सक्रिय तस्करों की सक्रियता झारखंड में बढ़ी है. जो साहिबगंज जिले में स्थित गंगा नदी के रास्ते पशु को बांग्लादेश तक भेजते हैं. हालांकि, पुलिस जब तब तस्करों को गिरफ्तार कर पशुओं को मुक्त कराती है. बावजूद इसके तस्करी का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है.
मालूम हो कि एक दिन पूर्व रांची में वाहन चेकिंग के दौरान पशु तस्करों ने एसआई संध्या टोपनो को वाहन से कुचल दिया है. टोपनो की मौके पर ही मौत हो गई थी. तबसे पशु तस्कर चर्चा में हैं. रांची के पशु तस्करों का धंदा पुलिस कर्मियों की गठजोड़ से धड़ल्ले से चल रहा है. तस्करों की मदद करने के एवज में पुलिसकर्मी मोटी रकम वसूल रहे हैं. करोड़ों के इस धंधे में जहां रिश्वत की राशि नहीं मिलती है या फिर कोई साफ छवि वाले पुलिस अधिकारी-कर्मी की ड्यूटी होती है, तब तस्करों की परेशानी बढ़ने लगती है. बुधवार को तुपुदाना थाना के महिला एसआई संध्या टोपनो के शहादत के बाद पुलिस के कार्यशैली पर सवाल उठने लगा है. तुपुदाना थाना प्रभारी के भी कार्यशैली पर परिजन सवाल उठा रहे है. मृत एसआई के परिजनों ने भी थानेदार पर लापरवाही का आरोप लगाया है. आरोप है कि थाना प्रभारी जानबूझकर एक महिला को दो कांस्टेबल के साथ बिना हथियार के भेज दिया गया. हालांकि मामले को लेकर एसएसपी ने वरीय अधिकारी से जांच की बात कही है.
रांची में करीब दो दर्जन पशु तस्कर कारोबार में है शामिल
राजधानी रांची में कई नामी पशु तस्कर है, जो इस कारोबार में शामिल हैं. हालांकि कई लोग जेल में भी बंद है. इन तस्करो में खालिद कुरैशी, एहसान कुरैशी, सद्दाम अंसारी, सद्दाम अंसारी, हारुन अंसारी, रीम अंसारी, मो शकील कुरैशी, मो इदुल, चमरू, अफरोज अंसारी, विक्की कुरैशी, उर्फ वसिम कुरैशी, मो सादिक कुरैशी, मो दानिस कुरैशी, इरशाद हुसैन, मो ताज अंसारी, छोटका मोथू उर्फ सुहैल कुरैशी, मो मतिन आलम, मो अफताब, असफाक अंसारी, मो अफसर कुरैशी, असफाक अंसारी, मो अफसर कुरैशी, बबन अंसारी, आजम खां, मोहींव खां, शाहजहां अंसारी और लालू का नाम शामिल है. इन तस्करों पर नामकुम, रातू, सदर, डोरंडा अरगोड़ा और पुंदाग थाना में मामला दर्ज है.
खुफिया रिपोर्ट पर नही होती सख्त कार्रवाई, पीसीआर की रहती है मिलीभगत
गो तस्करी पर पूर्व में खुफिया विभाग के एक रिपोर्ट पर पुलिस मुख्यालय ने रांची, जमशेदपुर के एसएसपी, लोहरदगा, लातेहार, पलामू, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, जामताड़ा और साहिबगंज के एसपी को कार्रवाई का आदेश दिया था. खुफिया विभाग पशु तस्करी पर विस्तृत रिपोर्ट तस्करों का नाम, पता तस्करी के रूट सहित जिले को उपलब्ध कराया जाता है. पुलिस कुछ तस्करो की धर-पकड़ शुरु करती है. लेकिन फिर कुछ दिन बाद सब सामान्य हो जाता है. तस्कर पशुओं को रात के अंधेरे में धंधे को अंजाम देते है. सात को ड्यूटी में पीसीआर पुलिस की मिलीभगत से इस काम को अंजाम दिया जाता है. बीते साल मार्च में रातू रोड चौराहे पर पीसीआर-28 के एएसआई शिवचरण मुर्मू, आरक्षी लक्ष्मी नारायण बड़ाइक, सुनील पहाड़िया, लोको पहाड़िया और चालक भुवनेश्वर पासवान ने पैसे लेकर तस्करों को वहां से जाने देने के आरोप में एसएसपी सुरेद्र झा ने निलंबित कर दिया था. पीसीआर-28 की इस करतूत का किसी ने मोबाइल से वीडियो बना लिया था, जो एसएसपी तक पहुंच गया.
यूपी पुलिस के हत्थे चढ़ा 25 हजार का इनामी अर्न्तराज्यीय गौतस्कर
यूपी में गोंडा की थाना नवाबगंज पुलिस ने अप्रैल 2022 में पुलिस मुठभेड़ के दौरान 25000 रुपये के इनामी गौ तस्करी में शामिल सलीम और सब्बू को गिरफ्तार किया. सब्बू एक अर्न्तराज्यीय गौ तस्कर है जो अपने गैंग के सदस्यों के साथ गोवंशीय पशुओं की तस्करी यूपी, बिहार और झारखण्ड राज्यों में किया करता था. सब्बू की परशुरामपुर रोड कोयला डिपो के पास घेराबन्दी कर गिरफ्तारी का प्रयास किया गया तो उसने पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया. पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में गोली चलायी गयी. गोली सब्बू को लगी जिसे गिरफ्तार कर लिया गया.




