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Rims के 300 जूनियर डॉक्टरों को नहीं मिला कोविड इंसेंटिव, आंदोलन की तैयारी

Ranchi : पिछले दो साल में कोरोना ने खूब कहर मचाया. एक के बाद एक कर के कोरोना ने मरीजों की जान ले ली. स्थिति ऐसी हो गई है कि जब कोरोना में अपनों ने साथ छोड़ दिया. धरती के भगवान कहे जानेवाले डॉक्टरों ने अपनी जान की परवाह किए बिना मरीजों का इलाज किया. इस दौरान कुछ डॉक्टर भी मौत की नींद सो गए. इसके बाद भी रिम्स के 300 डॉक्टरों को कोविड इंसेंटिव नहीं मिला है. वहीं इसके लिए बार-बार गुहार लगा रहे है. जबकि जूनियर डॉक्टरों ने इंसेंटिव को लेकर आंदोलन भी किया था.

अब जूनियर डॉक्टर्स एकबार फिर से आंदोलन के मूड में है. जूनियर डॉक्टर्स का कहना है कि कोरोना में उन्होंने मरीजों की सेवा की. मरीजों की जान बचाने के लिए दिन रात एक कर दिया. फिर भी न तो स्वास्थ्य विभाग को हमारी चिंता है और न ही रिम्स प्रबंधन को. बताते चलें कि कोरोना में ड्यूटी करने वाले सभी हेल्थ वर्कर्स को एक महीने का अतिरिक्त पेमेंट देने की घोषणा की गई थी. जिसके तहत कुछ डॉक्टरों और हेल्थ वर्कर्स को इसका लाभ भी मिला.

एमजीएम के डॉक्टरों को जेडीए का सपोर्ट

5 महीने से पेमेंट नहीं मिलने के बाद एमजीएम जमशेदपुर के जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल कर दी है. वहीं ओपीडी सेवा को ठप करा दिया है. रिम्स के जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन भी उनके समर्थन में है. जेडीए के डॉ विकास कुमार ने कहा कि जूनियर डॉक्टरों ने पेमेंट की मांग पर 17 जून को भी हड़ताल किया था. स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के आश्वासन पर फिर काम पर लौट आए थे. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था 10 दिनों में पेमेंट का भुगतान हो जाएगा लेकिन आजतक जूनियर डॉक्टरों को पेमेंट नहीं मिला.

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