DhanbadJharkhand

धनबाद से दुमका जेल शिफ्ट हुआ शूटर अमन सिंह

Dhanbad: धनबाद में दहशत का खौफनाक चेहरा बन चुके अमन सिंह को धनबाद जेल से दुमका जेल शिफ्ट कर दिया गया. मालूम हो कि नीरज सिंह हत्याकांड में बीते 5 वर्षों से शूटर अमन सिंह धनबाद जेल में बंद था. इसके विरुद्ध पूरे झारखंड में 30 आपराधिक मामले लंबित है. धनबाद में अमन सिंह के गिरोह से आम और खास सभी लोग परेशान हैं. धनबाद जेल में इसका सिक्‍का चलता है. डॉक्टर समीर कुमार से रंगदारी मांगने के मामले में भी धनबाद जेल से ही फ़ोन जाने की पुष्टि शुक्रवार को एसएसपी संजीव कुमार ने की थी और संकेत दिया था कि जल्द ही अमन सिंह को धनबाद से किसी दूसरे जेल में शिफ्ट कर दिया जाएगा.

इसे भी पढ़ें : धनबाद में फिर फायरिंग: गैंगस्टर प्रिंस खान के गुर्गों ने डब्लू अंसारी को मारी तीन गोली, हालत नाजुक

उल्लेखनीय है कि 2 मई को अमन सिंह ने अदालत में आवेदन दायर कर अपने हत्या की आशंका जाहिर की थी. आरोप लगाया था कि जेल में भी प्रशासन के लोगों ने उसे धमकी दी है. अदालत से सुरक्षा की गुहार लगाई थी. आवेदन में कहा था कि पुलिस अपने संरक्षण में पाल रखें अपराध‍ियों से उसकी हत्‍या करना चाहती है. आरोप लगाया है कि प्रशासन उसे धनबाद जेल से बाहर भेजना चाहता है. जिससे रास्ते में ही उसकी हत्या की जा सके. इसलिए अदालत उसे सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश दे. वहीं 6 मई को अमन सिंह के द्वारा उसके विरुद्ध दर्ज किए गए सभी मुकदमों में भी आवेदन कर सुरक्षा की गुहार लगाई थी. जिस पर आज शनिवार को सुनवाई हुई.

कोर्ट में अमन सिंह की ओर दी गई दलील में अधिवक्ता दीप नारायण ने कहा कि डॉक्‍टर समीर के केस में उसे फंसाने की कोशिश की जा रही है. पुलिस को अपराधियों का संरक्षण प्राप्‍त है. उन्‍हीं से प्रशासन उसकी हत्‍या कराना चाहता है. उसका एंकाउंटर भी पुलिस कर सकती है. राजनीति के लोग भी इसमें शामिल है. इसलिए सब मिलकर फंसा रहे है. बताया कि उसकी हत्‍या की साजिश रच दी गई है. धनबाद से अन्‍यत्र जेल में श‍िफ्ट करने से पहले ही रास्‍ते में ही उसे उड़ा दिया जाएगा.

अदालत ने इस पर जेल प्रशासन से रिपोर्ट तलब की थी. शनिवार को अदालत को सौंपी रिपोर्ट में जेल अधीक्षक ने अपनी बात रखी. कहा कि अमन सिंह एक कुख्यात अपराधी है. उसकी सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था जेल प्रशासन ने कर रखी है. पर्याप्त पुलिस व्यवस्था के बाद ही कोर्ट में उसकी पेशी होती है. उसकी सुरक्षा में कही से कोई कोताही नहीं बरती जाती है. वहीं अभियोजक वीरेंद्र कुमार ने कहा कि अमन सिंह अभी न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है. जिसकी सुरक्षा की जिम्मेवारी अदालत के साथ पुलिस प्रशासन को भी है. हत्‍या से जुड़ी सारी आशंकाए निर्मूल है व मनगढ़ंत है. प्रशासन ने उसकी सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था कर रखी है.

बता दें कि धनबाद में इन दिनों अपराधियों का आतंक है. एक तरफ अमन तो दूसरी तरफ प्रिंस खान आम लोगों से रंगदारी वसूलने में लगा है. वहीं इन दिनों जेल से ही हत्या, लूट, रंगदारी जैसे वारदात को अंजाम देने की रणनीति बनाया जा रहा है. पुलिस चाह कर भी इन्हें रोकने में कामयाब नहीं हो पा रही है. सूत्रों की माने तो धनबाद जेल में अमन स‍िंह की तूती बोलती है. अमन के 29 गुर्गे धनबाद जेल में बंद है. वहीं प्र‍ि‍ंस खान के भी लगभग आधा दर्जन गुर्गे धनबाद जेल में बंद है.  वहीं दूसरी ओर प्रिंस के गुर्गे लगातार सरेंडर कर जेल जा रहे हैं. प्रिंस के गुर्गों का सरेंडर कर जेल जाना गैंगवार की आशंका बढ़ गई है.

मालूम हो कि अमन गैंग के गुर्गे व वासेपुर के अपराधी जेल से ही बाहर हो रहे अपराध में अपना सहयोग दे रहे है. नन्हें अंसारी की हत्या में झावियुमो जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह की हत्या करने वाला शूटर औरंगजेब ने जेल में बंद कर ही प्लानिंग में साथ दिया था. औरंगजेब का ही आइडिया था कि हत्या करने के बाद हथियार और शूटर को कैसे भागना है. वहीं इसके अलावा कुछ दिन पूर्व व्यवसायी जय राजगढ़िया से रंगदारी की मांग की गयी थी. जिसमें पांच लोग गिरफ्तार हुए थे. इस मामले में भी अपराधियों को जेल के अंदर से ही आदेश मिला था. इस मामले में इन पांचों के अलावा पुलिस ने अमन सिंह सहित 15 लोगों के उपर प्राथमिकी दर्ज की है.

इसे भी पढ़ें : धनबाद : जोरापोखर के इंस्पेक्टर और एसआई का वेतन रोकने का आदेश

Related Articles

Back to top button