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प्रशासन और सरकार की मिलीभगत से चल रहा है अवैध कोयले का खनन, हो सीबीआई जांच : बाबूलाल

Ranchi: पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि झारखंड में प्रशासन और सरकार की मिलीभगत से धरल्ले से कोयले का अवैध खनन हो रहा है. इसकी सीबीआई जांच हो. उन्होनें कहा कि राज्य में कोयले की चोरी नहीं डकैती हो रही है. गरीब मजदूरों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. स्थिति काफी गंभीर है. संगठित गैंग कोयले के अवैध खनन में लगा है, जिसको पुलिस-प्रशासन का संरक्षण है.

निरसा से दौरा कर लौटने के बाद बाबूलाल मरांडी भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेस से बात कर रहे थे. कहा कि गोपीनाथपुर, कापासारा व दहीबाड़ी ओसीपी में घटित घटना कोयला चुनने की नहीं बल्कि अवैध उत्खनन का है. इसमें चाल गिर जाने व मलबे में दब जाने के कारण 12 लोगों की मौत हो चुकी है. कोयला चुनने के दौरान गोपीनाथपुर ओसीपी में पांच लोगों की मौत की बात कह लोगों को गुमराह वाले जिला प्रशासन के अधिकारियों पर ही सबसे पहले मामला दर्ज किया जाना चाहिए.

जिसके ऊपर जिम्मेवारी वही कर रहे लापरवाही

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जिनके कंधे पर सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था संधारण की जिम्मेदारी है वे लोग ही बेतुका व तर्कहीन बात करेंगे तो लोग न्याय मांगने किसके पास जाएंगे. मेरी मांग है कि अवैध उत्खनन में मरने के मामले की जांच सीबीआइ से कराई जाए. अवैध खनन के दौरान मृतक के स्वजनों को राज्य सरकार मुआवजा दे तथा घायलों के इलाज की व्यवस्था करे.

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उन्होंने कहा कि कोयला उद्योग का संचालन केंद्र सरकार करती है परंतु उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है. राज्य की हेमंत सरकार या तो कोयला तस्करों से डरती है या कोयला तस्करों से घिरी हुई है. तभी इतने व्यापक पैमाने पर राष्ट्रीय संपत्ति की चोरी हो रही है. राज्य सरकार को राजस्व की हानि हो रही है. इसके बावजूद राज्य सरकार द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की जा रही. इतने व्यापक पैमाने पर कोयला चोरी संगठित गिरोह ही कर सकता है. कोयला चोरी के संगठित गिरोह पर पुलिस या राज्य सरकार क्यों नहीं कार्रवाई कर रही.

चौकीदार की भूमिका में है सीआईएसएफ

बाबूलाल ने कहा कि सीआईएसएफ की भूमिका कोलियरी में चौकीदार के समान है. केस रजिस्टर्ड करना था. अपराधी को जेल भेजने का काम स्थानीय थाना ही करती है. यदि थाना की पुलिस सीआईएसएफ को सहयोग नहीं करेगी, उसके द्वारा शिकायत करने के बावजूद मामला दर्ज नहीं करेगी तो ऐसी स्थिति में चोरी कैसे रुकेगी.

एसआइटी टीम पर उठाए सवाल

बाबूलाल ने कहा कि जैसे बिल्ली दूध की रखवाली नहीं कर सकती वैसे ही जिला प्रशासन द्वारा गठित एसआइटी टीम का भी हाल है. एसआइटी टीम में ग्रामीण एसपी को रखा गया है. जहां से कोयला चोरी हो रही है उसे रोकने की जिम्मेदारी जिस ग्रामीण एसपी पर है उसे ही जांच दल में रखने से यह स्पष्ट हो जाता है कि गठित एसआइटी टीम कितना सही जांच कर सही रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी. इससे जिला प्रशासन की मंशा स्पष्ट होती है. कहा कि अवैध रूप से कोयला उत्खनन करना करना और कोयला चुनना दोनों में जमीन आसमान का अंतर है. ईसीएल के खदान से अवैध उत्खनन के मामले में ईसीएल के सुरक्षा पदाधिकारियों पर भी मामला दर्ज करवाया जाए।. तभी वे लोग स्पष्ट बताएंगे के किन लोगों के कहने पर वे लोग कोयला चोरों को खदान के अंदर जाने देते हैं.

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वर्तमान एसएसपी के रहते धनबाद में नहीं रुक सकता अपराध

बाबूलाल ने कहा कि वर्तमान सीनियर एसपी के रहते धनबाद में क्राइम का ग्राफ बढ़ेगा, घटेगा नहीं. जब यहां के सीनियर एसपी पलामू के एसपी थे तो बिहार के एक बुजुर्ग और उनके चालक का अपहरण हुआ था. उस मामले में क्या मामला हुआ यह सभी जानते हैं. उसके बावजूद वैसे आईपीएस अधिकारी को धनबाद जिला का सीनियर एसपी बनाकर भेजने से ही स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार की मंशा क्या है. घटना घटने के 10 घंटे बाद मलबे को हटाने के लिए प्रशासन हरकत में आता है. इसी से स्पष्ट होता है कि पुलिस प्रशासन चाहता था कि कोयला चोर मृतक के शव को ठिकाने लगा दें, ताकि सबूत को समाप्त किया जा सके.

सदन से लेकर सड़क तक विरोध करेगी भाजपा

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय संपत्ति की लूट को लेकर भाजपा विधानसभा के साथ-साथ जनता की अदालत में भी जाएगी. सही में सरकार इसे रोकना चाहती है तो रोजगार के अवसर पैदा करें. अवैध खनन को रोकने का उपाय करें तथा कोयला निकाले जा चुके खुले खदानों की भराई करवाएं. वरना भाजपा जनता की अदालत में जाकर बताएगी कि कैसे राष्ट्रीय संपत्ति की लूट की छूट राज्य सरकार ने दे रखी है.

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