
Garhwa : बोकारो स्टील प्लांट के अधीन गढ़वा जिले के भवनाथपुर में संचालित तुलसीदामर डोलोमाइट खदान के मजदूरों ने खान प्रबंधक बी. पानीग्रही को दो घंटे तक बंधक बनाए रखा. पिछले दिनों आरएलसी की उपस्थिति में सेल प्रबंधन व मजदूरों के साथ भुगतान को लेकर हुए करारनामा फेल होने पर सारे मजदूर आक्रोशित थे. बंधक बनाने की सूचना मिलने पर एसडीपीओ नगरउंटारी प्रमोद कुमार केसरी, पुलिस निरीक्षक भवनाथपुर चंदन कुमार सिंह, थाना प्रभारी सतीश कुमार महतो, केतार थाना प्रभारी संतोष कुमार रवि समेत भारी संख्या में पहुंचे पुलिस बल ने खान प्रबंधक को मजदूरों से मुक्त कराया.
मजदूरों के द्वारा गेट को जाम कर बैठने से महाप्रबंधक मनोज कुमार सहित 10 कर्मचारी 2 घंटे तक प्रशासनिक भवन में फंसे रहे.
इसे भी पढ़ें:59 लाख कार्डधारकों के लिए पेट्रोल पर सब्सिडी पाने की डगर नहीं आसान
विदित हो कि सेल द्वारा संचालित तुलसीदामर डोलोमाइट खदान गत 16 फरवरी 2020 से बंद है. वातावरण अनापत्ति प्रमाण पत्र फेल होने के कारण खदान बंद हुई है. उसके बाद से लेकर मजदूरों ने मजदूरी सहित खदान खोलने सहित विभिन्न मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे थे. इसी आंदोलन के आलोक में 29 दिसंबर को 2021 को टाउनशिप स्थित प्रशासनिक भवन में क्षेत्रीय श्रमा युक्त पटना केसी साहू की उपस्थिति में सेल प्रबंधन, इंटक त्रिपाठी गुट के प्रतिनिधि, मजदूर व एसडीपीओ नगर उंटारी व एसडीओ की उपस्थिति में मजदूरों के भुगतान को लेकर इकरारनामा तय हुआ था, जिसमें 13 जनवरी 2022 तक मजदूरों को तोड़े गए पत्थर का चार-चार हजार रूपए का भुगतान करना था, लेकिन उक्त भुगतान नहीं होने पर सोमवार को सैकड़ों की संख्या में मजदूर प्रशासनिक भवन पहुंच गए और प्रशासनिक भवन के अंदर उपस्थित महाप्रबंधक व अन्य अधिकारी को बुलाकर भुगतान नहीं करने का कारण जानना चाह रहे थे.
इसे भी पढ़ें:UP ELECTION : गैंगस्टर नाहिद हसन टिकट देने में घिरे अखिलेश यादव, सुप्रीम कोर्ट से सपा की मान्यता खत्म करने की मांग
इसी बीच खान प्रबंधक भगवान पानीग्रही प्रशासनिक भवन के मुख्य गेट पर पहुंच गए और मजदूरों ने उन्हें अंदर जाने के बजाए बंधक बना लिया और अपने बीच बैठा दिया.
उनके द्वारा अस्वस्थ होने की बात कहे जाने पर मजदूरों ने कहा तभी छोड़ेंगे जब जीएम आकर एकरारनामा फेल होने का कारण बताएंगे. इसी बीच खान प्रबंधक के बंधक होने की बात आग की तरह फैल गयी.
खान प्रबंधक बी पानीग्रही ने कहा कि महाप्रबंधक मनोज कुमार ने मजदूरों की समस्याओं को लेकर मुझे बुलाया था. मैं प्रशासनिक भवन जा रहा था कि मजदूरों ने बंधक बना लिया. मजदूरों के भुगतान का इकरारनामा डीएलसी ने रद्द करते हुए यह 31 जनवरी तक भुगतान करने का आदेश दिया है.
खान प्रबंधक को मुक्त करने के बाद मजदूर प्रशासनिक भवन के गेट पर ही जमे थे और महाप्रबंधक को बुलाने की मांग पर अड़े थे.
इसे भी पढ़ें:हेमंत सरकार ने सभी को निराश किया, अब रघुवर सरकार को याद कर रहे हैं लोगः नीलकंठ मुंडा
एसडीपीओ प्रदीप कुमार केसरी की पहल पर महाप्रबंधक मजदूरों के बीच उपस्थित हुए और कहा कि दूसरे यूनियन की शिकायत पर डीएलसी ने 31 जनवरी तक फाइनल सेटेलमेंट कर मजदूरों का भुगतान करने का निर्देश दिया है. उनके निर्देश के आलोक में सेल प्रबंधन भुगतान की कारवाई में लगी है.
मजदूर रामलखन राम, शंभू पासवान, लल्लू राम, सुनेश्वर यादव, बाला यादव, बलीराम, नरेश चौधरी, कामेश्वर साह सहित दर्जनों मजदूरों ने कहा कि हम लोग फाइनल सेटेलमेंट नहीं लेंगे और तभी लेंगे कि हम लोगों का भुगतान की सूची प्रबंधन भुगतान से पहले जारी करें. हम सभी मजदूर संतुष्ट होंगे, तभी सोचेंगे.
मजदूरों ने कहा सेल प्रबंधन के कुछ दलाल यूनियन रिटायर मजदूरों को लेकर डीएलसी से शिकायत की है. हम लोगों को 13 जनवरी तक पीएफ का पैसा काट कर 4-4 हजार भुगतान करने का इकरारनामा हुआ था, लेकिन प्रबंधन ने इसे रद्द कर दिया है. अब 31 जनवरी तक भुगतान की बात कर रहा है, जो हम लोगों को मान्य नहीं है.
इसे भी पढ़ें:जेपीएससी मुख्य परीक्षा का टाइम टेबल जारी, कल से डाउनलोड करें एडमिट कार्ड




